केजरीवाल काल के DDC की छुट्टी, अब दिल्ली में बनेगा नया DITI आयोग; CM रेखा गुप्ता होंगी अध्यक्ष

1026 Shares

 दिल्ली में नीतियों और विकास योजनाओं के लिए अब नई संस्थागत व्यवस्था बनाने की तैयारी है। दिल्ली सरकार ने नीति आयोग की तर्ज पर दिल्ली इंस्टीट्यूट फाॅर ट्रांसफॉर्मेशन एंड इनोवेशन (DITI) आयोग गठित करने का प्रस्ताव तैयार किया है।

योजना विभाग ने प्रस्ताव मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए भेज दिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बजट भाषण में दिल्ली के लिए नीति आयोग की तर्ज पर ऐसा संस्थान बनाने की घोषणा की थी।

प्रस्ताव को केजरीवाल सरकार के समय बनाए गए दिल्ली संवाद एवं विकास आयोग के स्थान पर नई व्यवस्था के रूप में देखा जा रहा है।

पुराने आयोग की जगह नई व्यवस्था

दिल्ली संवाद एवं विकास आयोग का गठन वर्ष 2015 में किया गया था। इसका उद्देश्य दिल्ली सरकार को नीतिगत सलाह देना, देश-दुनिया की अच्छी योजनाओं का अध्ययन करना और विकास से जुड़े मामलों में सुझाव देना था।

दिल्ली संवाद एवं विकास आयोग को लेकर उपराज्यपाल और तत्कालीन आम आदमी पार्टी सरकार के बीच कई बार विवाद सामने आए। वर्ष 2024 में तत्कालीन उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने आयोग के गैर-सरकारी सदस्यों को हटाने और आयोग को अस्थायी रूप से भंग करने को मंजूरी दी थी।

उपराज्यपाल कार्यालय की ओर से नियुक्तियों की प्रक्रिया, सदस्यों को दिए जाने वाले वेतन और आयोग के कामकाज को लेकर सवाल उठाए गए थे।

आंकड़ों और शोध पर होगा जोर

प्रस्तावित नया आयोग का मुख्य काम आंकड़ों और शोध के आधार पर दिल्ली की विकास नीतियों और योजनाओं के लिए सुझाव देना होगा।

संस्था सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा, उनके प्रभाव का आकलन और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने में भी भूमिका निभाएगी। इसके काम के लिए आठ प्रमुख क्षेत्रों को प्राथमिकता देने की बात प्रस्ताव में कही गई है।

मुख्यमंत्री होंगी आयोग की अध्यक्ष

प्रस्ताव के अनुसार डीटी की अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगी। उपाध्यक्ष की नियुक्ति मुख्यमंत्री करेंगी। इसमें सभी मंत्री, मुख्य सचिव, दिल्ली विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, नगर निगम आयुक्त और नई दिल्ली नगरपालिका परिषद के अध्यक्ष सदस्य होंगे।

योजना विभाग के प्रशासनिक सचिव को सदस्य सचिव बनाया जाएगा। जरूरत के अनुसार विशेषज्ञों को भी विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किया जा सकेगा।

इसके अलावा मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कार्यकारी समिति गठित होगी। यह समिति विभागों के बीच समन्वय, योजनाओं की निगरानी और मूल्यांकन तथा नवाचार से जुड़ी व्यवस्था को मजबूत करने का काम करेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *