ईरान में तैनाती का तनाव नहीं झेल पा रहे अमेरिकी सैनिक, USS लिंकन पर 8 बार हुई आत्महत्या की कोशिश

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एक अमेरिकी सांसद ने बुधवार को बताया कि ट्रंप प्रशासन ने मिडिल ईस्ट में एयरक्राफ्ट कैरियर की लंबी तैनाती के दौरान अमेरिकी सैनिकों की ओर से आत्महत्या की आठ कोशिशों की बात मानी है।

न्यूज एजेंसी एएफपी के मुताबिक, यह जानकारी एक पत्र से सामने आई है। यह पत्र कार्यवाहक नेवी सेक्रेटरी हंग काओ ने डेमोक्रेटिक सीनेटर कर्स्टन गिलिब्रैंड के उन सवालों के जवाब में भेजा था, जो यूएसएस अब्राहम लिंकन पर मौजूद हालात के बारे में पूछे गए थे।

नेवी सेक्रेटरी (जो इस सेवा के सबसे बड़े सिविलियन अधिकारी हैं) के पत्र में कहा गया है कि लिंकन की तैनाती के बाद से स्ट्राइक ग्रुप में आत्महत्या की कुल आठ कोशिशें हुई हैं। पत्र में आगे कहा गया है, “इस तैनाती के दौरान जहाज पर आत्महत्या का कोई मामला सामने नहीं आया है।”

इस चिट्ठी में आत्महत्या की कोशिशों के बारे में और जानकारी दी गई है। इसमें बताया गया है कि एयर विंग में तैनात एक नाविक अगस्त की शुरुआत में जहाज से समुद्र में गिर गया था। उसे तुरंत एक सर्च एंड रेस्क्यू हेलिकॉप्टर ने बचा लिया और फिर आगे के इलाज के लिए जहाज से बाहर ले जाया गया।

एक और नाविक ने मार्च में जहाज से बाहर कूदने की कोशिश की, लेकिन उसके साथियों ने उसे रोक लिया और उसे होमपोर्ट वापस भेज दिया गया।

मिडिल ईस्ट भेजा गया लिंकन

लिंकन नवंबर 2025 में साउथ चाइना सी में ड्यूटी के लिए कैलिफोर्निया से निकला था, लेकिन फरवरी 2026 के आखिर में ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले शुरू होने से पहले ही उसका रास्ता बदलकर उसे मिडिल ईस्ट भेज दिया गया।

अगस्त में सेना के परिवारों और सांसदों ने आत्महत्या की कोशिशों, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी अन्य गंभीर समस्याओं, खाने की कमी और साफ-सफाई की खराब हालत के बारे में चिंता जताई। उस समय ट्रंप ने उन दावों को खारिज कर दिया था। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी जोर देकर कहा था कि कैरियर पर स्थिति को गलत तरीके से पेश किया गया था।

नेवी सेक्रेटरी के पत्र में क्या कहा गया?

पिछले साल नवंबर में समुद्र में पहली बार तैनात किए जाने के बाद से ही इस कैरियर पर रहने की खराब स्थितियों और खराब मानसिक स्वास्थ्य की खबरों ने अमेरिका में सुर्खियां बटोरीं।

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