चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने बुधवार को न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत कर दिया। 90 दिन की समयावधि बुधवार को पूरी हुई और विवेचक सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी ने न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया।
चार्जशीट 74 हजार पन्नों से अधिक की बताई जा रही है। चार बक्सा और एक गत्ते में पैक चार्जशीट लेकर पुलिस न्यायालय पहुंची।
किस पर क्या आरोप?
रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के पास बिना किसी औपचारिक आदेश के दानपात्रों की चाबियां थीं। मामले की जांच में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के चालक रहे टिन्नू यादव के बयान में श्रद्धालुओं को दर्शन कराने के नाम पर रुपये लेने और उन रुपयों से आभूषण खरीदने की बात कही गई है।
मनीष यादव, सुभाष श्रीवास्तव, अविनाश शुक्ल, करुणेश पांडेय और रमाशंकर मिश्र भी नकदी की गिनती से जुड़े बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार अविनाश शुक्ल के बैंक खाते से 5 लाख रुपए की रिकवरी हुई थी।
गिरफ्तारी के समय पुलिस ने किसके पास से क्या बरामद किया?
- अविनाश शुक्ल : 20 लाख 39 हजार 220 रुपये, 1121 यूएस डालर, 159.54 ग्राम चांदी, 8.11 ग्राम सोना और 3.44 ग्राम सोने की अंगूठी।
- अनुकल्प मिश्र : 16 लाख 82 हजार 40 रुपये।
- लवकुश मिश्र : 14 लाख 25 हजार रुपये।
- रमाशंकर मिश्र : सात लाख 32 हजार 170 रुपये और 24.72 ग्राम का चांदी का बिछुआ व चांदी के दो सिक्के।
- मनीष यादव : दो लाख रुपये।
- करुणेश पांडेय : 18 लाख सात हजार 63 रुपये।
- रामशंकर यादव टिन्नू : एक लाख रुपये।
चार जून : गणना कक्ष में नकदी छिपाने का मामला सामने आया। जांच में सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए।
सात जून : सपा नेता पवन पांडेय ने मंदिर के दानपात्र और चढ़ावे से करोड़ों रुपये की चोरी का आरोप लगाया। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया पर मामले को उठाया। उसी दिन महासचिव चंपत राय ने स्पष्टीकरण जारी किया।
आठ जून : तत्कालीन महासचिव चंपत राय ने आरोपों को खारिज किया।
10 जून : प्रधानमंत्री कार्यालय ने मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की। इसी दिन नृपेंद्र मिश्र ने अयोध्या पहुंचकर बैठक की।
11 जून : राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व लेखाकार महिपाल सिंह का वीडियो सामने आया। इसमें उन्होंने दावा किया कि उन्होंने 2021-22 में चढ़ावे की चोरी पकड़ी थी और उससे संबंधित सीसीटीवी फुटेज डिलीट किए गए थे।
13 जून : श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के आग्रह पर उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की। टीम ने ट्रस्ट पदाधिकारियों, कर्मचारियों, बैंक अधिकारियों और गणना से जुड़े लोगों से पूछताछ शुरू की।
15 जून : एसआईटी ने चंपत राय और गोपाल राय समेत कर्मचारियों से पूछताछ की।
16 जून : एसआईटी ने फिर पूछताछ की और ट्रस्ट के करीब एक वर्ष पुराने दस्तावेज खंगाले।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

