नैनीताल के महेश शाह से 1929 में मिले थे महात्मा गांधी, ताकुला में चलाया था चरखा
महात्मा गांधी की उत्तराखंड यात्रा से जुड़ी एक ऐतिहासिक घटना नैनीताल के महेश शाह से भी जुड़ी हुई है। वर्ष 1929 में महात्मा गांधी नैनीताल पहुंचे थे, जहां उनकी मुलाकात महेश शाह से हुई थी। इसी दौरान उन्होंने ताकुला में चरखा भी चलाया था।
महात्मा गांधी का उत्तराखंड से गहरा जुड़ाव रहा है। स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में उन्होंने यहां कई स्थानों का दौरा किया और लोगों को स्वदेशी, आत्मनिर्भरता तथा चरखे के महत्व के बारे में जागरूक किया।
1929 में हुई थी मुलाकात
बताया जाता है कि वर्ष 1929 में महात्मा गांधी की नैनीताल के महेश शाह से मुलाकात हुई थी। यह मुलाकात उस दौर की महत्वपूर्ण स्मृतियों में शामिल है। गांधीजी के विचारों और उनके व्यक्तित्व का स्थानीय लोगों पर भी प्रभाव पड़ा था।
ताकुला में चलाया था चरखा
महात्मा गांधी ने ताकुला में चरखा चलाकर स्वदेशी आंदोलन और खादी के संदेश को मजबूत किया था। चरखा गांधीजी के लिए केवल सूत कातने का माध्यम नहीं था, बल्कि यह आत्मनिर्भरता और स्वदेशी के विचार का प्रतीक भी था।
गांधीजी की उत्तराखंड यात्रा से जुड़ी ऐसी घटनाएं आज भी क्षेत्र के इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन की स्थानीय स्मृतियों का हिस्सा हैं।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

