जमुई में नाबालिग छात्रा से हुई घटना की चर्चा के बीच गौरीचक थाना क्षेत्र में भी नाबालिग छात्रा के साथ मारपीट और उसे फोन पर बात करने के लिए दबाव बनाने का मामला सामने आया है। पीड़िता नौवीं कक्षा की छात्रा है। परिजनों ने गौरीचक थाने में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है।
बात करने से इनकार करने पर मारपीट
छात्रा ने जब फोन पर बात करने से इनकार कर दिया तो मंगलवार को आरोपित छात्र ने अपने एक अन्य सहपाठी के साथ मिलकर फतेहपुर के पास उसे रोक लिया। आरोप है कि दोनों ने छात्रा के साथ मारपीट की और धमकी देते हुए कहा कि उसे हर हाल में फोन पर बात करनी होगी।
घटना के बाद छात्रा ने घर पहुंचकर परिजनों को पूरी जानकारी दी। परिजन उसे लेकर गौरीचक थाना पहुंचे और लिखित शिकायत दी। परिजनों का आरोप है कि आवेदन देने के करीब सात घंटे बाद तक थाने से मामले में गंभीर कार्रवाई नहीं की गई और थाना अध्यक्ष ने फोन पर भी कोई स्पष्ट जानकारी देने की जरूरत नहीं समझी।
मामले की छानबीन जारी
मामले की जानकारी मिलने पर डीएसपी सदर-2 रंजन कुमार ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल गौरीचक थाना प्रभारी को कार्रवाई का निर्देश दिया। डीएसपी ने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है।
पीड़िता नाबालिग है और मारपीट करने वाला छात्र भी नाबालिग है। उसने छात्रा के साथ मारपीट की बात स्वीकार की है, जबकि दूसरा सहपाठी घटना के समय वहां मौजूद था। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

