प्रवीण तिवारी, अयोध्या। यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए 114 विद्यालयों काे परीक्षा केंद्र बनाया गया है। इसकी अनंतिम सूची जारी की गई थी। इसमें रुदौली के गौहन्ना व नेवरा राजकीय हाईस्कूल में परीक्षा संपादित कराने के लिए कम संसाधन हैं। इसी वजह से इनके नाम हटाए जाने लगभग तय हैं।
दोनों विद्यालयों की ओर से इससे संंबंधित आपत्ति दर्ज करते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक केंद्रों की सूची से विद्यालय का नाम काटने का आग्रह किया है। उधर, केंद्रों पर आपत्तियों का शतक पूरा हो गया है। 107 विद्यालय प्रबंधन ने अपनी अपनी आपत्तियां दर्ज की हैं।
शिक्षा विभाग ने इसके निस्तारण के लिए मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी है। इसमें अधिकांश विद्यालय परीक्षा केंद्र न बनाए जाने पर आहत हैं, इसी से संबंधित आपत्ति दर्ज करते हुए अपने- अपने विद्यालय को केंद्र बनाने की मांग की है।
बड़ी संख्या में केंद्र बने विद्यालयों ने अधिक संख्या में छात्र आवंटित होने की आपत्ति की है। इन सभी ने केंद्र पर छात्र संख्या कम करने की मांग की है। कई विद्यालयों की ओर से विद्यार्थियों का केंद्र दूर भेजने संबंधित आपत्ति भी दर्ज की है, जिसे निस्तारित करने की मांग की है।
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. पवन कुमार तिवारी ने बताया कि 80 प्रतशित विद्यालयों की आपत्तियां सामान्य हैं, जैसे एक जैसी हैं, जो केंद्र न बनाया जाना आदि है। बताया कि जो भी आपत्तियां आईं है, उनकी जांच कर निस्तारण किया जा रहा है। जिन विद्यालयों ने अधिक छात्र संख्या के आवंटन की शिकायत की है, उसका स्थलीय निरीक्षण कर निस्तारण कराया जाएगा।
बताया कि निर्धारित तिथि तक आपत्तियों को निस्तारित करते हुए पुन: केंद्रों की सूची बोर्ड को संदर्भित कर दी जाएगी। आपत्तियों का निस्तारण जिला स्तर पर गठित कमेटी करेगी। बाद में मंडलीय स्तरीय कमेटी भी इस पर अपनी स्तुति देगी। बाद में बोर्ड से ही केंद्रों की अंतिम सूची जारी की जाएगी।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

