कार्यक्रम में पढ़ने-लिखने के साथ बुनियादी गणित और दैनिक जीवन में उपयोगी ज्ञान व कौशल पर भी जोर दिया जा रहा है। परीक्षा के माध्यम से नवसाक्षरों की सीखने की प्रगति का आकलन किया गया है।