सरकार द्वारा सब्सिडी वाले गैस सिलिंडर के लिए एक अक्टूबर से आधार सत्यापन अनिवार्य कर दिए जाने को लेकर गैस एजेंसी फिर से हरकत में आई हैं क्योंकि ऐसे गैस उपभोक्ताओं की संख्या हजारों में है, जिन्होंने अभी तक सत्यापन नहीं कराया है।
संभल जिले में विभिन्न कंपनियों के करीब पांच लाख गैस उपभोक्ता हैं। हालांकि वर्ष 2016 से आधार सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है लेकिन बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने अभी तक इस प्रक्रिया को पूर्ण नहीं किया है। अब सरकार द्वारा सत्यापन को लेकर की जा रही व्यवस्था से फिर से खलबली का माहौल बन रहा है।
संभल भारत गैस एजेंसी (भारत पेट्रोलियम) के संचालक शशांक अग्रवाल ने बताया कि सब्सिडी वाले करीब 4500 घरेलू गैस कनेक्शन हैं। इनमें से 3000 का आधार सत्यापन हो चुका है जबकि 1500 उपभोक्ताओं ने अभी इस प्रक्रिया को पूर्ण नहीं कराया है। ऐसे उपभोक्ताओं को सूचना दिए जाने की प्रक्रिया चल रही है। हेलो बीपीसीएल एप पर भी घर बैठे ही आधार सत्यापन किया जा सकता है।
वहीं डोडा गैस एजेंसी (हिंदुस्तान पेट्रोलियम) के संचालक गौरव डोडा के अनुसार, 28000 कनेक्शन हैं। करीब 3700 का आधार सत्यापन नहीं हो सका है। अब कर्मचारियों की टीमें बनाकर उपभोक्ताओं को सत्यापन कराने के लिए सूचित किया जा रहा है।
वहीं श्री कल्कि गैस एजेंसी (हिंदुस्तान पेट्रोलियम) के संचालक संजय सांख्यधर ने बताया कि 17000 में से 15000 उपभोक्ताओं का आधार सत्यापन हो चुका है। करीब 2000 उपभोक्ताओं ने इस प्रक्रिया को पूरा नहीं किया है। उन्होंने बताया कि उपभोक्ताओं का आधार सत्यापन कराने के लिए कर्मचारियों को जिम्मेदारी दी गई है।
यह है आधार सत्यापन की प्रक्रिया
किसी भी कंपनी की संचालित एजेंसी पर उपभोक्ता को जाना पड़ता है। आधार कार्ड देना होता है। जिसे कंप्यूटर पर लगाया जाता है। डिवाइस पर अंगूठा लगाना पड़ता है। अंगूठा मेच होने पर मान लिया जाता है कनेक्शन सही है और सत्यापन हो जाता है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

