जन-धन खाते का बीमा क्लेम खारिज करना पड़ा महंगा, इंडियन बैंक पर 3.20 लाख का जुर्माना
उत्तर प्रदेश के शामली जिले में प्रधानमंत्री जन-धन योजना से जुड़े दुर्घटना बीमा क्लेम को खारिज करना इंडियन बैंक की शाखा को महंगा पड़ गया। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने मामले में बैंक की बलवा शाखा की सेवा में कमी मानते हुए मृतक के वारिसों को 3 लाख रुपये देने और 20 हजार रुपये का अर्थदंड जमा कराने का आदेश दिया है।
पति की मौत के बाद दाखिल किया था क्लेम
बलवा गांव निवासी मोमीना के पति इकबाल का इंडियन बैंक की बलवा शाखा में प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत खाता था। रिपोर्ट के अनुसार, खाते से व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा जुड़ा था और इसके लिए 177 रुपये वार्षिक प्रीमियम का भुगतान किया जाता था। पॉलिसी का नवीनीकरण 31 मार्च 2023 तक था।
13 मार्च 2023 को काम के दौरान करंट लगने से इकबाल की मृत्यु हो गई। इसके बाद मोमीना ने 8 मई 2023 को बीमा क्लेम के लिए आवेदन किया। आरोप है कि करीब एक साल तक उससे अलग-अलग दस्तावेज मांगे जाते रहे और बाद में क्लेम को निरस्त कर दिया गया।
आयोग ने बैंक की सेवा में कमी मानी
मामले की सुनवाई जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता ने की। आयोग ने बैंक की ओर से सेवा में कमी मानते हुए मृतक के कानूनी वारिसों को 3 लाख रुपये देने का आदेश दिया।
आयोग ने इस राशि पर मृत्यु की तारीख से भुगतान होने तक 9 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज देने का भी निर्देश दिया है। इसके अलावा अनुचित व्यवहार के लिए 20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है, जिसे राजकोष में जमा करना होगा।
45 दिन में आदेश का पालन करना होगा
उपभोक्ता आयोग ने बैंक और संबंधित बीमा कंपनी को आदेश का पालन 45 दिनों के भीतर सुनिश्चित करने को कहा है। निर्धारित समय में आदेश का अनुपालन नहीं होने पर उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत पात्र खाताधारकों को RuPay कार्ड के साथ दुर्घटना बीमा कवर की सुविधा मिलती है। वित्त मंत्रालय की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 28 अगस्त 2018 के बाद खोले गए नए जन-धन खातों के RuPay कार्ड पर दुर्घटना बीमा कवर 2 लाख रुपये तक है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

