‘पश्चिम एशिया शांति में सार्थक भूमिका निभा सकता है भारत’, मीरवाइज उमर फारूक का ईरानी राष्ट्रपति को पत्र

1288 Shares

 पश्चिम एशिया में युद्ध के छाए बादलों के बीच कश्मीर के प्रमुख धर्मगुरु मीरवाइज उमर फारूक ने संयम बरतने की अपील की है और कहा कि भारत महात्मा गांधी के अहिंसा के सिद्धांत के माध्यम से संवाद को बढ़ावा देने और संघर्ष को आगे बढ़ने से रोकने में एक रचनात्मक भूमिका निभा सकता है।

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान को लिखे दो पृष्ठ के पत्र में मीरवाइज ने इस संघर्ष को मुस्लिम समुदाय के भीतर विभाजन का एक और कारण बनने से रोकने का भी अनुरोध किया। उन्होंने अपने समर्थकों से सांप्रदायिकता एवं राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के खिलाफ एक साथ खड़े होने का अनुरोध किया।

उन्होंने ईरानी राष्ट्रपति को लिखे अपने पत्र में कहा- नई दिल्ली की आपकी यात्रा के दौरान आपसे मिलना और बातचीत करना मेरे लिए सौभाग्य की बात थी।

इस गंभीर और अनिश्चित दौर में मैं विशेष रूप से आपके इस विचार की सराहना करता हूं कि मानवता को शांति की हमारी सामूहिक खोज के केंद्र में रहना चाहिए।

यह पत्र ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर एक बैठक के दौरान ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची को सौंपा गया था। ईरानी राष्ट्रपति ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत में थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *