दिल्ली के गांधी नगर इलाके में रविवार को एक चार मंजिला इमारत अचानक झुक गई, जिससे आसपास रह रहे लोगों में दहशत फैल गई। सुरक्षा के लिहाज से पूरी इमारत को खाली करा दिया गया और आसपास के क्षेत्र को पुलिस व नगर निगम की टीमों ने घेर लिया है, ताकि कोई व्यक्ति पास न आ सके।
मुख्यालय निगम दिल्ली (एमसीडी) की टीम मौके पर पहुंची और इमारत की स्थिति का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने स्थिति पर नजर रखने के साथ आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। फिलहाल इमारत खाली रखी गई है। पूर्व मेयर श्याम सुंदर अग्रवाल ने बताया कि सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचे। उन्होंने दो घरों के बीच दरार देखी और पाया कि एक इमारत थोड़ी झुक गई है।
कभी भी गिर सकती है इमारत
उन्होंने कहा, “एमसीडी, पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमें भी पहुंचीं। निरीक्षण में इमारत के गिरने का खतरा पाया गया, इसलिए समय रहते खाली कराया गया। मालिक को नोटिस भी जारी कर दिया गया है। यह इमारत किसी भी समय गिर सकती है और बड़ा हादसा हो सकता है।”
अग्रवाल ने अवैध और जर्जर इमारतों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने सवाल किया कि पांच-छह मंजिला इमारतें एक दिन में नहीं बनतीं, फिर निर्माण के दौरान नगर निगम के अधिकारी कहां थे? उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों की मिलीभगत से ही ऐसी इमारतें खड़ी हुईं।
हाल ही में सत्य निकेतन में बिल्डिंग गिरने का मामला
यह घटना दिल्ली के सत्य निकेतन में 6 सितंबर को हुए भवन ढहने की घटना के कुछ दिनों बाद हुई है, जिसमें कम से कम सात लोगों की मौत हो गई थी। वह इमारत लड़कों के पीजी आवास के रूप में इस्तेमाल हो रही थी।गांधी नगर में प्रभावित इलाका घेरा गया है और आगे की जांच व कार्रवाई जारी है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

