बैंक वालों से भी तेज निकले साइबर ठग, एक घंटे में ठिकाने लगाए 24 लाख रुपये, बीएचयू के एसबीआइ शाखा का मामला
साइबर ठग बैंककर्मियों से भी तेज निकले। 54.91 लाख रुपये के ठगी मामले में त्वरित सूचना के बावजूद बिल्डर के बैंक खाते से पार हुए 24 लाख रुपये म्यूल खातों के जरिए ठिकाने तक पहुंचा दिए।
साइबर पुलिस की जांच में ऐसे ही तथ्य सामने आए हैं। एडीसीपी ने भी 48 लाख रुपये होल्ड कराने की बात कही, लेकिन जब जांच हुई तो 30 लाख रुपये की तस्वीर सामने आई। एसबीआई की साइबर टीम भी पुलिस की जांच में जरूरी तथ्य उपलब्ध करा रही है। एसबीआई के मुख्य प्रबंधक रविश ठाकुर ने साइबर थाना में केस दर्ज कराया था।
कुछ ही मिनट बाद वास्तविक खाताधारक बैंक पहुंचा और बताया कि उसने कोई ई-मेल रुपये ट्रांसफर के लिए नहीं भेजा है। साइबर टीम ने काफी इनपुट जुटाए हैं। एसबीआई की साइबर टीम से भी कुछ इनपुट मांगे गए हैं। रिपोर्ट मिलते ही पुलिस आरोपितों तक पहुंच जाएगी। शुरुआत में रुपये तीन खातों में ट्रांसफर हुए। तेजी करने के बावजूद साइबर ठगों ने म्यूल खातों में रुपये भेजे हैं।
इस मामले में एसीपी साइबर क्राइम अपूर्व पांडेय ने कहा कि ठगों की पहचान के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। साइबर ठगी के इस मामले ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि साइबर अपराधियों की चालाकी और तकनीकी ज्ञान कितनी उच्च स्तर की है। पुलिस और बैंक की साइबर टीम मिलकर इस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि ठगों को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

