मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पीने वाले लोगों की मौत का सिलसिला जारी है। मंगलवार को तीन और लोगों की मौत हुई। इनको मिलाकर मरने वालों की संख्या बढ़कर 28 हो गई है।
इस बीच प्रभावित क्षेत्रों में उन सात शराब की दुकानों को फिर से खोलने का आदेश हो जारी हो गया है, जिन्हें मौतों के बाद बंद करा दिया गया था। हालांकि आदेश में कहा गया है कि जिले में केवल संदिग्ध बाम्बे व्हिस्की और सागर गोल्ड ब्रांड की देसी शराब की बिक्री प्रतिबंधित रहेगी।
इस बीच, प्रारंभिक जांच में संदिग्ध शराब किसी अधिकृत डिस्टिलरी से तैयार होकर बाजार में आने की पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों का कहना है कि यदि डिस्टिलरी स्तर पर तैयार शराब में गड़बड़ी होती तो उसका असर संभाग के अन्य क्षेत्रों में भी दिखाई देता।
फिलहाल जांच का फोकस शराब की पैकेजिंग और उसमें मिलावट के स्तर पर है। शराब की जांच के लिए तीन टीमें गठित की हैं। पिछले दो दिनों में शराब दुकानों, आरोपितों के कब्जे, फैक्ट्री सहित अन्य स्थानों से शराब के करीब 80 नमूने लिए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि नकली शराब की बोतल का ढक्कन ढीला होने और शराब का रंग सामान्य से अलग होता है।
शिकायतों पर क्लीनचिट भारी पड़ी, वेयर हाउस प्रभारी को हटाया
सागर में लंबे समय से आबकारी वेयर हाउस की प्रभारी मंजूषा सोनी को मंगलवार देर शाम हटा दिया गया। उनके स्थान पर राम चित्रकार को नया प्रभारी बनाया गया है।
दरअसल, पिछले महीने एक शराब ठेकेदार ने बाम्बे व्हिस्की की नकली बोतल देकर उसके मिलावटी होने की आशंका जताई थी। 10-12 दिन उसे रखे रहने के बाद सहायक आबकारी आयुक्त ने उसे जांच के लिए वेयर हाउस भेजा।
बताया गया है कि एडीओ मंजूषा सोनी ने करीब एक घंटे में केवल बैच नंबर का मिलान कर शराब को पीने योग्य बताते हुए रिपोर्ट भेज दी।
अब इसी ब्रांड की शराब से बंडा तहसील मुख्यालय से सटे आठ गांवों में मौतों के बाद क्लीनचिट पर सवाल है। शराब ठेकेदारों का कहना है मंजूषा सोनी 20-22 साल से सागर में ही कार्यरत हैं।
राहुल गांधी ने कहा- सरकार जवाब दे
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष्य राहुल गांधी ने इस मामले में कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए राज्य सरकार से जवाबदेही की मांग की है। उन्होंने इंटरनेट मीडिया पर की पोस्ट में लिखा है कि भारत की सबसे भ्रष्ट सरकार वाले राज्य मध्य प्रदेश में शासन नाम की कोई चीज बची ही नहीं।
जहरीली शराब ने प्रदेश के सागर जिले में अनेक लोगों की जान लेकर उन सभी घरों में मातम पहुंचा दिया है। मगर पूरे मध्य प्रदेश को पता है आगे क्या होगा- कुछ गिरफ्तारियां होंगी, कुछ अधिकारी सस्पेंड होंगे, जांच के आदेश होंगे, क्योंकि यह पहली बार नहीं है। कुछ ही वक्त पहले इंदौर में दूषित पानी पीने से कई लोगों की मौत हुई।
पिछले साल जहरीली कफ सीरप से छोटे बच्चों की जान चली गई। मध्य प्रदेश में दवा जहरीली। शराब जहरीली। पानी जहरीला। 20 साल से ज्यादा समय से भाजपा की सरकार है, लेकिन जवाबदेही कहां है?
उन्होंने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो, इन मौतों की पूरी सच्चाई सामने आए और सिर्फ छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं, जिसकी भी लापरवाही या मिलीभगत सामने आए, उसकी जवाबदेही तय हो।
शिवपुरी में महिलाओं ने शराब की दुकान पर लगाई आग
सागर जिले में जहरीली शराब पीने से मौतों के बाद शिवपुरी जिले के अमोला गांव की शराब की दुकान पर महिलाओं ने धावा बोल दिया। उन्होंने बोतलें फेंक जमकर तोड़फोड़ की और दुकान में आग लगा दी। पूरी दुकान जलकर राख हो गई। कर्मचारियों ने भागकर खुद को महिलाओं के आक्रोश से बचाया। सभी महिलाएं हाथों में लाठियां लेकर पहुंचीं थीं।
दरअसल, शराब ठेकेदारों ने जगह-जगह शराब बिक्री के ठिकाने बना दिए हैं। आमोला में ऐसी ही दुकान खोली गई है। इससे गांव में शराब पीकर रोज हंगामा होता है। नतीजतन, महिलाएं परेशान होती हैं। अमोला थाना प्रभारी योगेंद्र सेंगर का कहना है कि पुलिस टीम ने महिलाओं को शांत कराया।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

