Duleep Trophy Final: ईशान किशन क्यों रुके? वैभव सूर्यवंशी ने क्या कहा कि कप्तान को लेना पड़ा DRS… देखें वायरल VIDEO

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बल्ले से तूफान मचाने वाले वैभव सूर्यवंशी ने दलीप ट्रॉफी के फाइनल में अपनी एक और खूबी दिखाई। इस बार उन्होंने बल्ले से नहीं, बल्कि अपनी समझदारी से सुर्खियां बटोरीं। ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन जब डीआरएस लेने को लेकर असमंजस में थे, तब उपकप्तान वैभव ने बिना देर किए उन्हें रिव्यू लेने की सलाह दी। वैभव बार-बार ईशान से कहते सुनाई दिए- “ले लो, ले लो रिव्यू।”

ईशान सोचते रहे, वैभव ने कर दिया फैसला
दरअसल साउथ जोन की पारी के छठे ओवर में मुकेश कुमार की गेंद रिकी भुई के बल्ले का महीन किनारा लेकर विकेटकीपर ईशान किशन के दस्तानों में चली गई।

अपील के बावजूद अंपायर ने नाट आउट दिया। ईशान कुछ देर तक सोचते रहे कि इतनी शुरुआती स्थिति में डीआरएस लिया जाए या नहीं। तभी वैभव ने कप्तान को रिव्यू लेने के लिए जोर दिया।

14 साल के वैभव की आवाज पर कप्तान ने लिया रिव्यू

स्टंप माइक में वैभव की आवाज साफ सुनाई दी। वह ईशान से रिव्यू लेने के लिए कहते रहे। कमेंटेटर ने भी इस पल को नोटिस किया और कहा कि अगर रिव्यू लेना है तो ईशान को वैभव के पास जाना होगा।आखिरकार ईशान ने वैभव की बात मान ली। रिव्यू में गेंद का बल्ले से संपर्क साफ नजर आया और रिकी भुई को आउट करार दिया गया।

उपकप्तान का दिमाग, कप्तान का भरोसा

इस पूरे घटनाक्रम ने वैभव की क्रिकेटिंग समझ को लेकर चर्चा छेड़ दी है। महज 14 साल की उम्र में उन्हें ईस्ट जोन का उपकप्तान बनाया गया है और फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में उनका आत्मविश्वास नजर आया।

जिस समय कप्तान फैसला लेने में उलझे थे, उस समय वैभव ने स्थिति को भांपकर सही सलाह दी। यही पल अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है

ईस्ट जोन ने खड़ा किया 708 रन का पहाड़

मुकाबले में ईस्ट जोन ने पहली पारी में 708 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। अभिमन्यु ईश्वरन ने 72 और वैभव सूर्यवंशी ने 44 रन बनाकर टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई।

दोनों ने पहले विकेट के लिए 100 रन जोड़े। इसके बाद कप्तान ईशान किशन ने 270 रन की ऐतिहासिक पारी खेली, जबकि कुमार कुशाग्र ने 101 रन बनाए। ऐसे में ईस्ट जोन फिलहाल मजबूत स्थिति में है।

बल्ले के बाद अब ‘DRS दिमाग’ से छाए वैभव

वैभव की पहचान अब तक उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए रही है, लेकिन दलीप ट्रॉफी के फाइनल का यह छोटा-सा वाकया उनकी दूसरी तस्वीर दिखाता है।

एक तरफ कप्तान ईशान का अनुभव और दूसरी तरफ युवा उपकप्तान वैभव का आत्मविश्वास—दोनों का यह तालमेल ईस्ट जोन के लिए खास साबित हुआ।

मैदान पर वैभव की एक सलाह ने न सिर्फ विकेट दिलाया, बल्कि उनकी क्रिकेटिंग समझ की भी झलक दिखा दी।

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