मध्य प्रदेश के दमोह में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। जन्मदिन की पार्टी न देने पर एक अधिवक्ता ने अपने साथी को नोटिस भेज दिया है। दरअसल, दमोह जिला न्यायालय के एडवोकेट गोविंद तिवारी का बीते जिला अधिवक्ता संघ की परंपरा के अनुसार बार रूम में उनका जन्मदिन मनाया गया। अधिवक्ताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दीं और फिर गोविंद ने अपने कुछ मित्रों को पार्टी देने की बात कही। इस क्रम में उनके साथी एडवोकेट विशाल राजपूत भी थे।
विशाल के अनुसार, आश्वासन मिला लेकिन पार्टी नहीं मिली। मित्रों ने गोविंद पर दबाव बनाया तो लिखित आश्वासन मिला, जिससे उम्मीद थी कि तय तिथि में पार्टी मिलेगी।
विशाल बताते हैं कि शाम से पार्टी के लिए फोन का इंतजार करने के बाद भी उनके मित्र गोविंद का फोन नहीं आया। बाद में मित्रों ने रेस्टोरेंट में खाना खाया, जिससे विशाल की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें अस्पताल जाना पड़ा, उपचार में बड़ी रकम लग गई।
अब उन्होंने गोंविद को नोटिस भिजवा दिया है, जिसमें 43 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति का दावा किया गया है।
एडवोकेट विशाल ने अधिवक्ता कमल सिंह ठाकुर के माध्यम से अपने साथी अधिवक्ता गोविंद को लीगल नोटिस भेजा है, जिसमें सारी घटना का उल्लेख करते हुए वादाखिलाफी का आरोप लगाया है।
नोटिस में भारतीय कानून में उल्लिखित धाराओं का हवाला दिया गया है। साथ ही क्षतिपूर्ति के रूप में 41 हजार 250 रुपये व नोटिस व्यय 2000 रुपये मिलाकर कुल 43 हजार 250 रुपये अदा करने की बात कही गई है।
विशाल का कहना है कि पार्टी न मिलने पर उन्हें रेस्टोरेंट में एक हजार 750 रुपये का खाना खाना पड़ा, खाने में समस्या होने की वजह से वह बीमार पड़ गए, जिससे अस्पताल में इलाज के लिए 39 हजार 500 रुपये खर्च हुए है।
विशाल ने कहा कि नोटिस की समय सीमा सात दिन की थी, जो सोमवार को समाप्त हो रही है। इसके बाद वह न्यायालय के माध्यम से अग्रिम कार्रवाई करेंगे। इस संबंध में गोविंद को फोन करके उनसे बात करने का प्रयास किया गया मगर उनसे संपर्क नहीं हो पाया।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

