एक महीने बाद भी अधूरा है परीचौक का नया यू-टर्न, बैरियर हटते ही लोगों ने खुद खोल दिया रास्ता

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नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर परीचौक के पास बन रहे यूटर्न को वाहन चालकों ने खुद ही खोल लिया है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इस यूटर्न का निर्माण पिछले माह मुख्यमंत्री के इंडिया एक्सपो मार्ट में संभावित दौरे को देखते हुए शुरू किया था।

दावा था कि एक सप्ताह में इसे पूरा कर दिया जाएगा, लेकिन एक महीने बाद भी यहां लाइटिंग, दिशा संकेतक, थर्मोप्लास्टिक मार्किंग और स्थायी बैरिकेडिंग का काम अधूरा है।

प्राधिकरण ने साइट से अपने सुरक्षा बैरियर हटा लिए हैं, जिसका फायदा उठाकर नोएडा से आ रहे वाहन चालक अधूरे कंक्रीट जर्सी बैरियर (लाल-सफेद बैरियर) के बीच से जबरन यूटर्न ले रहे हैं। मौके पर न कोई ट्रैफिक गार्ड तैनात है, न ही रिफ्लेक्टर या स्पीड ब्रेकर लगाया गया है।

कुछ दिन पहले लगाए गए फ्लेक्सिबल प्लास्टिक स्प्रिंग पोस्ट बैरियर भी वाहनों की टक्कर से टूटकर सड़क पर बिखरे पड़े हैं।

यूटर्न खुलने से दो किलाेमीटर का चक्कर व ईंधन की होगी बचत

परीचौक एनसीआर का सबसे व्यस्त चौराहा है। यहां रोजाना 1.20 से 1.50 लाख वाहनों का दबाव रहता है। अभी तक नोएडा से ग्रेटर नोएडा आकर परीचौक या अल्फा की ओर जाने वाले वाहन चालकों को परीचौक गोलचक्कर तक करीब 2 किलोमीटर अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता था।

इससे परीचौक पर जाम और ईंधन की बर्बादी दोनों बढ़ती थी। यह यूटर्न शुरू होने से सीधे 2 किलोमीटर की बचत होगी, परीचौक पर ट्रैफिक लोड 20-25 प्रतिशत तक कम होगा और रोजाना हजारों लीटर ईंधन की बचत होगी।

अधूरी तैयारी के साथ खुद खोलने से हादसे का डर

विशेषज्ञों के अनुसार बिना सुरक्षा उपायों के यूटर्न खोलना खतरनाक है। यहां एक्सप्रेसवे पर वाहनों की स्पीड 80-100 किमी प्रति घंटा रहती है। बिना साइनेज, स्ट्रीट लाइट और डेलिनिएटर के अचानक यूटर्न लेने से पीछे से आ रहे तेज रफ्तार वाहनों के टकराने की आशंका है।

रात में तो जोखिम और बढ़ जाता है। प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक राजेश कुमार निम का कहना है कि फिनिशिंग कार्य चल रहा है। टाइल्स को कुछ दिनों के लिए जगह पर एडजेस्ट होने के लिए छोड़ा गया है। अगले सप्ताह इसे ट्रैफिक पुलिस की अनुमति के बाद आम लोगों के लिए विधिवत रुप से खोल दिया जाएगा।

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