दिल्ली की सड़कों की बदहाली, निर्माण गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर लगातार उठते सवालों के बीच लोक निर्माण विभाग (PWD) अब अपने इंजीनियर्स को विशेष प्रशिक्षण दिलाने जा रहा है। सड़क निर्माण और हरियाली के तय मानकों का पाठ पढ़ाने के लिए पांच सितंबर को केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआई) प्रशिक्षण देगा।
लोक निर्माण विभाग ने दिल्ली की शहरी सड़कों को बेहतर, व्यवस्थित और हरित बनाने के उद्देश्य से पांच सितंबर को एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम नई दिल्ली स्थित पालिका बाजार के निकट एनडीएमसी सम्मेलन केंद्र में आयोजित होगा।
इसमें लोक निर्माण विभाग के सड़क रखरखाव मंडलों और खंडों में कार्यरत अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंताओं के अलावा बागवानी विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है। विभाग ने संबंधित मुख्य अभियंताओं को अपने-अपने क्षेत्रों के सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। कार्यक्रम की अनिवार्यता को देखते हुए स्पष्ट किया गया है कि इसमें शामिल होने से बचने के लिए अनावश्यक छूट नहीं दी जाएगी।
प्रशिक्षण की जरूरत क्यों?
दरअसल, दिल्ली जैसे तेजी से बदलते महानगर में सड़कें अब केवल वाहनों के आवागमन का माध्यम नहीं रह गई हैं। सड़क डिजाइन में पैदल यात्रियों, साइकिल चालकों, जल निकासी, हरियाली, सुरक्षा और बेहतर रखरखाव जैसे पहलुओं को भी शामिल किया जा रहा है।
ऐसे में विभाग का यह प्रशिक्षण कार्यक्रम अभियंताओं को बदलते तकनीकी मानकों और उनके एकरूप क्रियान्वयन से जोड़ने की कवायद माना जा रहा है। प्रशिक्षण के बाद इसका असर दिल्ली की सड़कों की गुणवत्ता और रखरखाव में कितना दिखाई देता है, यह असली परीक्षा होगी।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

