सोफिया मार्केट स्थित पीएनबी की करेंसी चेस्ट में 29 लाख रुपये के और जाली नोट मिले हैं। आरबीआइ और पीएनबी मुख्यालय की टीम चेस्ट की आडिट में जुटी है। पहले 500 रुपये के बंडलों की गिनती हुई थी। शुरुआती गिनती में सात करोड़ 40 लाख रुपये के जाली नोट मिले थे।
आरबीआइ के शीर्ष अधिकारियों की एक और टीम बुधवार को लखनऊ से सहारनपुर पहुंची। इस तरह अब जांच कर रहे बैंक अधिकारियों की संख्या 35 हो गई है। करेंसी चेस्ट से पांच अगस्त को साढ़े 11 करोड़ रुपये आरबीआइ जयपुर भेजे गए थे, जिनमें गले, कटे व अन्य नोट थे। वहां गिनती होने के बाद इनमें चार लाख 30 हजार 900 रुपये कम मिले थे।
इसकी जांच शुरू हुई तो चेस्ट से अब तक 17 करोड़ 29 लाख रुपये की नकली करेंसी मिल चुकी है। मामले में पीएनबी के वरिष्ठ मंडल प्रबंधक रवि कुमार कांसे, करेंसी चेस्ट प्रबंधक सुशील कुमार व अमित कुमार के खिलाफ सदर बाजार थाने में मुकदमा दर्ज कराकर निलंबित कर दिया गया था।
कामकाज प्रभावित न हो इसलिए निलंबित किए गए अधिकारियों के स्थान पर नए अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है। इनके अलावा पार्ट टाइम हाउस कीपर विशाल कुमार के खिलाफ करेंसी चेस्ट से चोरी का मुकदमा दर्ज कराया गया था। चर्चा है कि उसे हिरासत में ले लिया गया है, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। आरबीआइ के अधिकारी बैंकिंग प्रक्रिया से जुड़े रिकार्ड और संबंधित दस्तावेजों को खंगाल रहे हैं।
अधिकारियों का फोकस यह पता लगाने पर है कि नकली करेंसी से जुड़े लेनदेन या उसके सत्यापन की प्रक्रिया में कहां और किस स्तर पर चूक हुई। जांच टीम ने संबंधित अधिकारियों से भी जानकारी जुटाई है। माना जा रहा है कि जांच के दौरान सामने आए तथ्यों को एसआइटी की पड़ताल से जोड़ा जाएगा, जिससे पूरे मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सके।फोरेंसिक टीम ने भी मामले से जुड़े साक्ष्यों को सुरक्षित किया है। दस्तावेजों और अन्य सामग्री की तकनीकी जांच के बाद कई सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है। एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि नकली करेंसी मामले में एसआइटी आरोपितों की गिरफ्तारी में जुटी हुई है। जल्द से जल्द आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फोरेंसिक टीम ने भी चेस्ट में पहुंचकर साक्ष्य एकत्रित किए। पुलिस लगातार मामले से जुड़ी सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

