उत्तराखंड में बिहार के मगध साइबर ठग गैंग का भंडाफोड़, पांच शातिर गिरफ्तार
पुलिस मुख्यालय के साइबर क्राइम हॉटस्पॉट अभियान के तहत श्यामपुर में पुलिस ने बिहार के नालंदा और नवादा से जुड़े मगध साइबर गैंग का भंडाफोड़ करते हुए पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
इनके कब्जे से 35 एटीएम कार्ड, 14 बैंक पासबुक, 17 सिम कार्ड, 18 मोबाइल फोन, दो लैपटॉप, 10 एटीएम कवर, पैन कार्ड और 37,500 रुपये की नकदी बरामद हुई है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में 2.75 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध डिजिटल लेन-देन के सुराग मिले हैं।
पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल शुरू
श्यामपुर थाना प्रभारी नितेश शर्मा की जांच में कई बैंक खातों और करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन की कड़ियां सामने आईं। आरोपित स्थानीय लोगों से बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड और सिम हासिल करते थे। इन खातों का एटीएम पिन और यूपीआई आईडी अपने नियंत्रण में रखकर साइबर ठगी की रकम मंगाई जाती थी।
इसके बाद रकम को एक खाते से दूसरे खाते में यूपीआई के जरिये ट्रांसफर किया जाता और एटीएम या सीडीएम से नकदी निकाल ली जाती थी। निकाली गई रकम को कमीशन के हिसाब से बांटा जाता था। पूछताछ में नालंदा और नवादा बिहार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका के भी संकेत मिले हैं। पुलिस अब खाताधारकों, म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराने वालों और नेटवर्क के मुख्य संचालकों की भूमिका की जांच कर रही है।
बैंक स्टेटमेंट, केवाईसी, ट्रांजैक्शन हिस्ट्री और बरामद डिजिटल उपकरणों की विस्तृत जांच के बाद साइबर अपराध से जुड़ी पूरी मनी ट्रेल सामने आने की उम्मीद है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान कृष्णा पाण्डे निवासी नालंदा बिहार, निरंजन कुमार निवासी नवादा बिहार, सन्नी निवासी हरिद्वार, चन्द्रमणि कुमार निवासी नवादा बिहार और चन्दन पाण्डे निवासी हरिद्वार के रूप में हुई है।
14 पासबुक में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक, एसबीआई, यूको बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, इंडियन बैंक और द नैनीताल बैंक के खाते मिले। इनमें श्याम मंडल, विशाल, रोहित बिष्ट, विवेक कुमार, निखिल लोढ़ा, रोहित, अनमोल, फराज खान और आदित्य के नाम सामने आए हैं।
35 एटीएम कार्ड में यूनियन बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, इंडियन ओवरसीज बैंक, उत्तराखंड ग्रामीण बैंक, नैनीताल बैंक, केनरा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, सेंट्रल बैंक, इंडियन बैंक, यूको बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, सिटी यूनियन बैंक और एचडीएफसी बैंक समेत कई बैंकों के कार्ड मिले।
मोबाइल फोन की प्रारंभिक जांच में व्हाट्सऐप चैट, बैंक खाता नंबर, खाताधारकों के नाम, क्यूआर कोड और लेन-देन से संबंधित बातचीत मिली। मोबाइल की गैलरी में कई पासबुक और बैंक खातों से जुड़े दस्तावेजों की तस्वीरें भी मिली हैं।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

