‘वह अपना काम कर रहे हैं’, राहुल गांधी के बचाव में उतरे CM उमर; नेताओं को दी धार्मिक मामलों से दूर रहने की नसीहत

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 मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का बचाव करते हुए कहा कि सरकार से सवाल करना और उसे जवाबदेह बनाना विपक्ष का काम है। उन्होंने राहुल गांधी के विरोध-प्रदर्शनों और राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर हो रही आलोचना पर यह प्रतिक्रिया दी।

श्रीनगर में एक कार्यक्रम से इतर पत्रकारों से बातचीत करते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि राहुल गांधी वही कर रहे हैं, जिसकी एक विपक्षी नेता से अपेक्षा की जाती है। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष का नेता विरोध ही नहीं करेगा, तो फिर उसका क्या मतलब है?

उमर ने कहा कि विपक्षी नेताओं को लेकर अलग-अलग मापदंड नहीं अपनाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी वही कर रहे हैं, जिसकी देश उनसे अपेक्षा करता है। विपक्ष के नेता का काम सरकार से सवाल करना और उसे जवाबदेह बनाना है। राहुल गांधी यही कर रहे हैं।उन्होंने कि मैं चाहूंगा कि वह ऐसा करते रहें, क्योंकि यही विपक्ष का काम है।”

धार्मिक मामलों पर टिप्पणी
जम्मू-कश्मीर के विपक्ष के नेता की धर्म से जुड़ी टिप्पणियों पर उमर अब्दुल्ला ने कहा कि राजनीतिक नेताओं को धार्मिक मामलों पर जरूरत से ज्यादा टिप्पणी करने से बचना चाहिए।उन्होंने कहा कि वह विपक्ष के नेता हैं, किसी धर्म के नेता नहीं हैं।धार्मिक मुद्दों को धार्मिक नेताओं के लिए छोड़ देना चाहिए और राजनेताओं को ऐसे मामलों से दूर रहना चाहिए।हिंसा और धार्मिक तनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ न करने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि लोगों को लोगों की भावनाओं से नहीं खेलना चाहिए।

कश्मीर में घटते हरित क्षेत्र पर चिंता

कश्मीर में तेजी से कम हो रहे हरित क्षेत्रों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है। लोगों से घर बनाते समय हरित क्षेत्रों को “जितना संभव हो सके, सुरक्षित रखने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोगों से यह नहीं कह सकते कि वे घर न बनाएं। लेकिन हम उनसे कहते हैं कि जितना संभव हो, कम से कम जमीन का इस्तेमाल करें।

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जमीन एक बार खत्म हो जाने के बाद उसे वापस नहीं लाया जा सकता। उन्होंने कहा कि बिजली का उत्पादन बढ़ाया जा सकता है और पानी की व्यवस्था की जा सकती है, लेकिन जमीन को दोबारा पैदा नहीं किया जा सकता।इसलिए हमें संतुलित विकास की जरूरत है।

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