संभल में फर्जी बीमा क्लेम के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई के नेतृत्व में एक बड़ी उपलब्धि रही, जिसकी शुरुआत 17 जनवरी 2025 को रजपुरा में चेकिंग के दौरान ओंकारेश्वर मिश्रा की गिरफ्तारी से हुई थी, जहां 11 लाख रुपये से अधिक की नकदी व दस्तावेज बरामद हुए थे।
कार्रवाई बढ़ी तो 51 लाख और 95 लाख रुपये के बीमा क्लेम के लिए हत्या कर हादसा दिखाने के मामले भी सामने आए। नेटवर्क के तार 12 राज्यों तक मिले और बैंक, बीमा कंपनी, आशा कार्यकर्ताओं से मिलीभगत, जनसेवा केंद्र, स्वास्थ्य विभाग, पंचायत सचिव, ग्राम प्रधान और ग्राम स्तर के कुछ कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच हुई।
अप्रैल 2025 तक 14 मुकदमों में 26 आरोपित सामने आ चुके थे, जबकि मई में अंतरराज्यीय गिरोह के और सदस्य पकड़े गए। पुलिस ने वाराणसी, नोएडा समेत कई स्थानों पर दबिश दी और मामले की जानकारी ईडी को देने की प्रक्रिया भी शुरू की।
जांच में घोटाले की रकम 100 करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान सामने आया। एसपी बिश्नोई के निर्देश पर एएसपी अनुकृति शर्मा के नेतृत्व में जांच आगे बढ़ी। अगस्त 2025 तक 68 आरोपितों की गिरफ्तारी और मई 2026 तक 74 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया।
गैंगस्टर एक्ट के तहत करीब 11 करोड़ 89 लाख 51 हजार रुपये की संपत्ति कुर्क की गई। 58 बीमा कंपनियों के साथ समन्वय कर भविष्य के फर्जीवाड़े की रोकथाम के लिए एसओपी पर भी काम हुआ। बीमा गिरोह के पर्दाफाश में विशेष भूमिका के लिए एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई को मुख्यमंत्री उत्कृष्ट सेवा पुलिस पदक के लिए चुना गया।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

