बाढ़ के बीच घर छोड़कर राहत शरणालयों में पहुंचे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए फर्रुखाबाद प्रशासन ने खास इंतजाम किए हैं।
सदर, अमृतपुर और कायमगंज में बनाए गए माडल शरणालयों में स्मार्ट क्लास, मनोरंजन कक्ष और खेलकूद की सुविधा दी गई है। वहीं, प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए 191 नाव-नाविक और 53 गोताखोर तैनात हैं। गंगा और रामगंगा के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।
तीन नियंत्रण कक्षों से 24 घंटे निगरानी की जा रही है। बचाव दल के पास लाइफ जैकेट, लाइफ रिंग, सर्च लाइट, हेलमेट, रेनकोट, मेगाफोन और रस्से समेत जरूरी सामान है। 17 मेडिकल टीमें और 144 मेडिकल कैंप लगाए गए हैं। पशुओं के लिए छह चिकित्सा टीमें, 14 अस्थायी शरणालय और 54 शिविर चल रहे हैं।
बाढ़ से 50,775 लोग और 2,881.8 हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हुई है। 21 पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 25.20 लाख रुपये गृह अनुदान दिया गया है। पानी उतरने के बाद फसल का सर्वे कर पात्र किसानों को कृषि निवेश अनुदान मिलेगा।
किसानों को जलभराव सहने वाली आइआर-64 सब-1 धान की प्रजाति भी उपलब्ध कराई गई है। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर के निर्देशन में दो माकड्रिल, बाढ़ राहत चौपाल और 19 स्कूल सेफ्टी कार्यक्रम हुए हैं। इनमें एनडीआरएफ, आर्मी, फ्लड पीएसी, राजस्व, पुलिस, चिकित्सा और सिंचाई विभाग ने सहयोग किया।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

