जिले के 1824 परिषदीय विद्यालयों में अब नौनिहालों को मध्यान्ह भोजन फूड कोर्ट में परोसा जाएगा। जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय (डीपीआरओ) द्वारा चरणबद्ध तरीके से फूड कोर्ट का निर्माण कराया जा रहा है। इससे छात्र-छात्राएं स्वच्छ और सम्मानजनक वातावरण में मध्यान्ह भोजन कर सकेंगे। इससे स्वास्थ्य के साथ-साथ बच्चों की विद्यालय के प्रति रुचि बढ़ेगी।
600 से अधिक विद्यालयों में कार्य पूरा हो गया है। बाकी में कराया जा रहा है। जिन स्कूलों में पर्याप्त कमरे है , वहां उसके अंदर और जहां पर्याप्त कमरे नहीं हैं, वहां बाहर इसका निर्माण कराया जा रहा है। फूड कोर्ट में पत्थर और संगमरमर के बेंच और मेज बनवाए जा रहे हैं। एक साथ बैठकर कम से कम 25 बच्चे भोजन कर सकते हैं।
एक स्कूल में फूड कोर्ट के निर्माण में 75 हजार का बजट खर्च किया जा रहा है। बीएसए ने बताया कि इस व्यवस्था से छात्र-छात्राओं में अनुशासन, स्वच्छता और विद्यालय के प्रति लगाव भी बढ़ेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह योजना शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाएगी।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

