एक्सीडेंट होते ही सिर्फ 0.03 सेकंड में कैसे खुलता है कार का एयरबैग? पलक झपकते ही होता है ये काम
कार में सफर करते समय एयरबैग एक बहुत ही खास सेफ्टी फीचर होता है। एक्सीडेंट होने पर यह बहुत ही कम समय में खुलकर ड्राइवर और पैसेंजर्स की जान बचाने में मदद करता है। खास बात यह है कि एयरबैग खुलने में महद 0.03 सेकंड का समय लगता है। यह समय पलक झपकने में लगने वाले समय से भी काफी कम है। आइए जानते हैं कि यह इतनी जल्दी कैसे खुल जाता है।
सेंसर से होता है काम
कार में कई तरह के सेंसर लगे होते हैं जो गाड़ी की स्पीड, अचानक स्पीड में होने वाली कमी और टक्कर जैसी कंडिशन को पहचानते हैं। जब कार किसी चीज से टकराती है तो सेंसर इस बदलाव को तुरंत पकड़ लेते हैं। सेंसर में मिलने वाली जानकारी एयरबैग कंट्रोल यूनिट पहुंचती है। यह यूनिट कुछ ही समय में तय करती है एयरबैग खोलने की जरूरत है या नहीं।
कैसे खुलता है एयरबैग?
अगर सिस्टम टक्कर को गंभीर मानता है तो एयरबैग कंट्रोल यूनिट एक इलेक्ट्रिकल सिग्नल भेजती है। इसके बाद एयरबैग के अंदर गैस बनाने वाला सिस्टम एक्टिव हो जाता है। इस प्रक्रिया से बहुत तेजी से गैस बनती है और एयरबैग कुछ ही मिलीसेकंड में फूल जाता है। यही वजह है कि एक्सीडेंट के दौरान एयरबैग इतनी तेजी से खुल जाता है।
क्या करता है एयरबैग?
एक्सीडेंट के दौरान कार अचानक रुक सकती है लेकिन अंदर बैठे लोग आगे की तरफ बढ़ते रहते जिससे लोगों की सिर या छाती स्टीयरिंग व्हील, डैशबर्ड या दूसरी जगह से टकरा सकती है। एयरबैग इस टक्कर को कम करने के लिए एक कुशन की तरह काम करता है जो शरीर को सीधे टकरान से बचाता है।
एयरबैग खुलने के बाद?
बता दें कि एयरबैग हमेशा फूला हुई नहीं रहता और खुलने के बाद इसमें मौजूद गैस बाहर निकलने लगती है। इससे एयरबैग धीरे-धीरे खाली हो जाती है और टक्कर के दौरान शरीर पर पड़ने वाले दबाव को कम करने में मदद करता है। लेकिन, ध्यान रहे कि एयरबैग अकेले पूरी सुरक्षा नहीं देता इसलिए सीट बेल्ट लगाना भी उतना ही जरूरी है। सीट बेल्ट शरीर को सही स्थिति में रखने में मदद करता है।
वही, दूसरी तरफ एयरबैग एक्सीडेंट के दौरान एक्सट्रा सुरक्षा देता है। इसलिए कार में सफर करते समय सीटबेल्ट लगाना और एयरबैग को लेकर दी गई सुरक्षा गाइडलाइंस को फॉलो करना जरूरी है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

