पटना में एक करोड़ पार्षद निधि योजना से 29 वार्डों का होगा विकास, 400 योजनाओं को मिली प्रशासनिक मंजूरी
नगर निगम की ‘एक करोड़ पार्षद निधि योजना 4.0’ के तहत 29 वार्डों की करीब 400 योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई है। इन योजनाओं पर वार्डों में सड़क-नाला निर्माण, जीर्णोद्धार, सामुदायिक भवन, जलापूर्ति सहित नागरिक सुविधाओं से जुड़े काम कराए जाएंगे।
67 वार्डों से अब तक करीब 950 योजनाओं की अनुशंसा निगम मुख्यालय को मिल चुकी है। शेष योजनाओं की स्वीकृति की प्रक्रिया भी चल रही है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य वार्ड की स्थानीय जरूरतों के अनुसार बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करना है। पार्षदों ने अपने-अपने वार्ड में पीसीसी सड़क, भूगर्भ नाला, नाला-सड़क जीर्णोद्धार, सबमर्सिबल, पेवर ब्लाक, मैनहोल मरम्मत, सामुदायिक भवन और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं की अनुशंसा की है।
इन वार्डों की सभी अनुशंसित योजनाओं को मिली मंजूरी
वार्ड तीन की 16, वार्ड 4 की 11, वार्ड 7 की नौ, वार्ड 10 की सात, वार्ड 11 की 10, वार्ड 12 की 16, वार्ड 18 की 11, वार्ड 31 की 16, वार्ड 33 की 14, वार्ड 35 की 13 और वार्ड 36 की 13 योजनाओं को मंजूरी मिली है। इसी तरह वार्ड 38 की दो, वार्ड 40 की पांच, वार्ड 41 की 13, वार्ड 42 की नौ, वार्ड 44 की 21, वार्ड 47 की 16, वार्ड 48 की चार, वार्ड 49 की 12, वार्ड 50 की 14, वार्ड 51 की 18, वार्ड 52 की पांच, वार्ड 54 की 14, वार्ड 56 की 11, वार्ड 62 की सात, वार्ड 65 की 13, वार्ड 66 की 10, वार्ड 68 की आठ, वार्ड 71 की सात और वार्ड 72 की 16 योजनाओं को भी प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
इनमें सड़क और नाला निर्माण के अलावा पहाड़पुर मुस्लिम टोला में पेवर ब्लाक, सीसीटीवी कैमरा, सामुदायिक भवन, कदमकुआं वेंडिंग जोन के शेष काम, अटल पार्क में बाउंड्री व प्लांटर, दमराही घाट महारानी स्थान में सामुदायिक भवन और बंगाली कालोनी में दुर्गा मंदिर के जीर्णोद्धार जैसी योजनाएं शामिल हैं।
आठ वार्डों से अब तक नहीं मिली अनुशंसा
वार्ड 8, 22-सी, 24, 27, 43, 45, 57 और 60 से अभी तक योजना की अनुशंसा नहीं मिली है। इन वार्डों के पार्षदों से योजना भेजने की अपेक्षा है। वहीं, अन्य वार्डों से मिली अनुशंसाओं में सामुदायिक व सार्वजनिक शौचालय, सामुदायिक भवन, मंदिर जीर्णोद्धार, ट्यूबवेल, सड़क और नाला निर्माण समेत कई काम शामिल हैं। इन योजनाओं को भी प्रशासनिक स्वीकृति देने की प्रक्रिया मुख्यालय स्तर पर चल रही है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

