चंडीगढ़ के सेक्टर-29 में बनेगा आधुनिक कम्युनिटी सेंटर, प्रशासक बोले-रस्म क्रिया जैसे कार्यों के लिए बुकिंग फ्री रहे

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 सेक्टर-29 में 7.85 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले नए आधुनिक कम्युनिटी सेंटर बनेगा, जिसका शिलान्यास प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने रखा।

उन्होंने कहा कि यह केवल भवन निर्माण की परियोजना नहीं, बल्कि क्षेत्र में सामुदायिक जीवन, सामाजिक समरसता और नागरिक भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

कटारिया ने कहा कि किसी शहर की पहचान केवल चौड़ी सड़कों, सुंदर इमारतों और आधुनिक ढांचे से नहीं होती, बल्कि इस बात से भी होती है कि वहां लोगों को आपस में मिलने-जुलने और सामाजिक गतिविधियों में भाग लेने के कितने अवसर मिलते हैं।

कम्युनिटी सेंटर बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक और मनोरंजक गतिविधियों का केंद्र बन सकते हैं। प्रशासक ने मृत्यु के बाद रस्म क्रिया जैसे कार्यक्रमों के लिए यह केंद्र निशुल्लक बुक ही नहीं आयोजन व्यवस्था भी निगम की तरफ से करने की बात कही।

जन उपयोगी हो केंद्र

उन्होंने कहा कि सेक्टर-29 का नया सेंटर केवल शादी समारोहों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसे वास्तविक रूप से जन उपयोगी केंद्र बनाया जाए, जहां कौशल विकास, रोजगार मार्गदर्शन, खेल, डिजिटल साक्षरता, पर्यावरण जागरूकता और अन्य सामुदायिक गतिविधियां आयोजित हों।

मेरा शहर मेरी जिम्मेदारी का आह्वान

प्रशासक ने सार्वजनिक सुविधाओं को दिव्यांगजनों के लिए सुगम बनाने के साथ वर्षा जल संचयन, सौर ऊर्जा, जल संरक्षण, प्राकृतिक रोशनी और ऊर्जा दक्ष प्रणालियों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। उन्होंने नागरिकों से मेरा शहर, मेरी जिम्मेदारी की भावना के साथ सार्वजनिक संपत्तियों के संरक्षण और स्वच्छता में सहयोग करने की अपील की।

मेयर सौरभ जोशी ने बताया कि कम्युनिटी सेंटर 29,440 वर्ग फुट के प्लाट पर बनाया जाएगा। इसमें ग्राउंड प्लस दो मंजिला भवन होगा। भवन का कुल कवर्ड एरिया 17,006 वर्ग फुट होगा। ग्राउंड फ्लोर 8,511, प्रथम तल 3,968 और द्वितीय तल 4,527 वर्ग फुट का होगा। इसके अलावा 6,600 वर्ग फुट क्षेत्र में पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी।

जर्जर भवन लेगा नया आकार

पूर्व मेयर एवं क्षेत्रीय पार्षद हरप्रीत कौर बबला ने बताया कि मौजूदा कम्युनिटी सेंटर का निर्माण करीब 1986 में हुआ था और यह लगभग चार दशक से लोगों की जरूरतें पूरी कर रहा था।

लंबे समय तक इस्तेमाल के कारण भवन काफी जर्जर हो गया था और इसकी संरचनात्मक स्थिति भी खराब हो चुकी थी, जिसके चलते इसे निरंतर सार्वजनिक उपयोग के लिए उपयुक्त नहीं माना गया।

निगम कमिश्नर अमित कुमार ने बताया कि परियोजना की अनुमानित लागत 7.84 करोड़ रुपये है और इसे 12 जुलाई 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

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