इसका अर्थ है कि झारखंड के छात्रों के साथ हुए अन्याय का आक्रोश पूरे देश में देखने को मिल रहा है। दिखावे के लिए राहुल गांधी ने छात्रों पर लाठीचार्ज को गलत बताया तो राज्य सरकार ने उनके ट्वीट के बाद फिर तीन बार छात्रों पर अंधेरे का फायदा उठाकर लाठीचार्ज किया। 10 अगस्त की यह तारीख झारखंड कभी नहीं भूलेगा। छात्रों के आंसुओं और अत्याचार का हिसाब हेमंत सोरेन और राहुल गांधी को देना होगा।