औरंगाबाद में 20 हेक्टेयर पहाड़ की होगी नीलामी: 300 करोड़ से ज्यादा रेवेन्यू की उम्मीद; पचार पहाड़ पर रोक क्यों?
खनन विभाग ने मदनपुर प्रखंड स्थित सढ़ैल पहाड़ की नीलामी की सभी तैयारियां पूरी कर ली है। पहाड़ की नीलामी ई-निविदा के माध्यम से की जाएगी।
इसके लिए एमएसटीसी पोर्टल का इस्तेमाल किया जाएगा। जिला खनन सहायक निदेशक विकास कुमार ने बताया कि सढ़ैल पहाड़ की नीलामी तीन खंडों में की जाएगी। करीब 20 हेक्टेयर क्षेत्रफल की नीलामी प्रस्तावित है।
सहायक निदेशक ने बताया कि खान एवं भूतत्व विभाग से नीलामी से संबंधित सभी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं। अगले सप्ताह ई-निविदा की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।
ई-निविदा से बोली, लीजधारी को क्रशर लगाने की भी मिलेगी अनुमति
विभाग ने नीलामी से सरकार को बड़े राजस्व की उम्मीद जताई है। अधिकारियों के अनुसार सढ़ैल पहाड़ की नीलामी से करीब 300 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व प्राप्त हो सकता है।
बताया गया कि नीलामी में सफल होने वाले लीजधारी को पहाड़ से निकलने वाले पत्थरों से गिट्टी तैयार करने के लिए क्रशर लगाने का लाइसेंस भी दिया जाएगा।
दो किमी के दायरे में लगाना होगा क्रशर प्लांट
क्रशर प्लांट पहाड़ से दो किलोमीटर के दायरे में ही स्थापित करना होगा। खनन अवधि पांच वर्षों के लिए निर्धारित की जाएगी। लीजधारी को प्रत्येक वर्ष निर्धारित राशि में 20 प्रतिशत की वृद्धि के आधार पर भुगतान करना होगा।
इधर, रफीगंज प्रखंड के पचार पहाड़ की नीलामी को लेकर विभाग को फिलहाल अनुमति नहीं मिली है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार पचार पहाड़ धार्मिक महत्व से जुड़ा होने के कारण इसकी नीलामी की अनुमति नहीं दी गई है।
हालांकि, पचार पहाड़ का सर्वे कार्य जारी है। बताया गया कि पूर्व में भी पचार पहाड़ की नीलामी की प्रक्रिया की गई थी।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

