आपात स्थिति में बाहर निकलने के रास्तों, अग्निशमन उपकरणों और सुरक्षा इंतजामों में संभावित खामियों को लेकर मंगलवार को भी कोचिंग सेंटरों की जांच जारी है।
लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद दमकल विभाग की टीम ने लगातार दूसरे दिन कई कोचिंग सेंटरों की जांच की। टीम ने आरडीसी स्थित करियर लांचर समेत शास्त्रीनगर और अन्य क्षेत्रों में संचालित कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं को परखा।
दोपहर करीब एक बजे आरडीसी स्थित करियर लांचर में दमकल विभाग की टीम पहुंची तो सबसे पहले आपात निकास मार्गों, सीढ़ियों और भवन से सुरक्षित निकासी की व्यवस्था की जांच की।
टीम ने यह भी देखा कि आग लगने की स्थिति में बड़ी संख्या में छात्रों को कितनी जल्दी और सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला जा सकता है। निरीक्षण के दौरान फायर एक्सटिंग्विशर, विद्युत वायरिंग और भवन में मौजूद अन्य सुरक्षा उपकरणों की स्थिति भी जांची गई।
दो में से एक पर नहीं लिखी थी एक्सपायरी डेट
मौके पर दो फायर एक्सटिंग्विशर रखे हुए मिले जिनमें एक पर एक्सपायरी ही नहीं लिखी थी जबकि एक अगले वर्ष तक वैध पाया गया। टीम ने स्टाफ से फायर एक्सटिंग्विशर चलाने के लिए कहा तो कर्मचारी पिन तक नहीं निकाल पाया।
जांच के समय कक्षाएं नहीं चल रही थीं। टीम संचालकों को शीघ्र नोटिस जारी करने की जानकारी देकर रवाना हो गई। नीचे उतरते ही सीढ़ियों पर ही इलेक्ट्रिक पैनल लगा देख उसे हटाने के निर्देश भी दिए गए।
इसके बाद टीम शास्त्रीनगर में एसआई 12 भवन में चल रहे पीके सिंह कोचिंग क्लास और हेमंत क्लास की जांच करने पहुंची, लेकिन यहां सीढ़ियों के गेट पर ताला लटका हुआ मिला। आसपास मौजूद लोगों ने बताया कि दोपहर बाद कक्षाएं चालू होती हैं। टीम यहां से शास्त्रीनगर एच ब्लॉक स्थित शिक्षक सतीश कुमार के यहां पहुंचे।
आवासीय क्षेत्र में पहली मंजिल पर कोचिंग क्लास 11वीं और 12वीं के बच्चों के लिए चलती हैं। जांच टीम ने बालकनी पर जाल में ताला लगा पाए जाने पर ताला स्थाई रूप से खोले रखने का आदेश दिया। इसके बाद बाहर निकलने के लिए एक ही रास्ता पाए जाने पर दूसरा जीना भी बनाने को कहा गया।


