शेख हसीना के संबोधन के बाद बांग्लादेश में राजनीतिक ध्रुवीकरण तेज, कई इलाकों में भड़की हिंसा
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की नई दिल्ली से हुई वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद देश में राजनीतिक हलचल फिर तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह संबोधन बांग्लादेश में नए राजनीतिक समीकरण बनने का संकेत हो सकता है। इससे एक ओर अवामी लीग के जमीनी कार्यकर्ताओं में नया उत्साह आया है।
शेख हसीना के संबोधन के बाद कई इलाकों में हिंसा की घटनाएं भी सामने आईं। अवामी लीग से जुड़े नेताओं और समर्थकों के घरों व प्रतिष्ठानों पर हमले, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं दर्ज की गईं। वहीं, जुलाई आंदोलन के बाद बीएनपी, जमात-ए-इस्लामी और नेशनल सिटीजन पार्टी के बीच राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई तेज हो गई है।
इसका असर विश्वविद्यालयों में भी दिख रहा है। छात्र संगठनों के बीच हिंसक झड़पें, हॉस्टलों पर कब्जे की कोशिशें और जवाबी हमलों से छात्र व राजनीतिक कार्यकर्ता घायल हुए हैं। इन घटनाओं से राजनीतिक ध्रुवीकरण और गहराने की आशंका है।
दिसंबर तक क्यों इंतजार?
बांग्लादेश के पीएम तारिक रहमान के सलाहकार सैयद मोअज्जेम हुसैन अलाल ने शेख हसीना के दिसंबर में देश लौटने के फैसले पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि हसीना को तीन महीने इंतजार करने के बजाय अभी लौटना चाहिए। जनता, न्यायपालिका और प्रशासन तय करेगा कि उनका स्वागत होगा या उन्हें जेल जाना पड़ेगा।
शेख हसीना के बेटे और अवामी लीग के नेता सजीब वाजेद जॉय ने दावा किया है कि बांग्लादेश विफल राष्ट्र की ओर बढ़ रहा है और भारत के पूर्वी मोर्चे पर दूसरा पाकिस्तान बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने हस्तक्षेप नहीं किया, तो बांग्लादेश क्षेत्रीय आतंकवाद का नया केंद्र बन सकता है।
आग लगने के बाद पाक उच्चायुक्त आईसीयू में भर्ती
ढाका में पाकिस्तान के उच्चायुक्त इमरान हैदर के आधिकारिक आवास पर गुरुवार तड़के आग लग गई। प्रारंभिक जांच में आग का कारण टीवी में शॉर्ट सर्किट बताया गया है। धुएं के कारण उच्चायुक्त को आईसीयू में भर्ती कराया गया है।
घटना तड़के हुई, पर इसकी जानकारी करीब 14 घंटे बाद सामने आई, जिसके बाद सोशल मीडिया पर घटना को लेकर कई तरह की अटकलें लगने लगीं।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

