शुक्रवार की सुबह महराजनगर गांव में अंबेडकर प्रतिमा तोड़ने की खबर ने प्रशासन में खलबली मचा दी। सीओ शमशेर सिंह और एसडीएम राशि कृष्णा दल बल के साथ गांव पहुंचे और आक्रोश को नियंत्रित किया। तभी पता चला कि किसी ने अंबेडकर स्मारक के पास स्थित ईदगाह के कुछ गुंबदों को भी क्षति पहुंचाई है।
भारी पुलिस बल तैनात करने के साथ ही एसडीएम और सीओ ने फारेंसिक एक्सपर्ट की टीम भी बुला ली। प्रशासन ने कुशलता से गांव के हिंदू और मुस्लिम पक्षों को विश्वास में लिया और पुलिस अपनी खुफिया टीम के साथ सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की इस साजिश का राजफाश करने में जुट गई। इस बीच कई नेता भी गांव पहुंचे और अपना झंडा गाड़ने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण किसी गफलत का शिकार नहीं हुए।
डैमेज कंट्रोल में जुटे अधिकारी
नई मूर्ति, सीसीटीवी कैमरे लगाने और ईदगाह की मरम्मत पर सीओ और एसडीएम ने गांव के लोगों से चर्चा की। कोतवाल दिनेश शर्मा ने बताया कि मूर्ति मंगाई गई है, दोनों स्थलों की सुरक्षा के लिए कैमरे लगाने और ईदगाह में तोड़फोड़ की मरम्मत के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं।
आठ साल बाद फिर जहर घोलने की कोशिश
महराजनगर गांव अनुसूचित और मुस्लिम वर्ग के बीच टकराव को लेकर संवेदनशील रहा है। इसका कारण अंबेडकर पार्क और ताजिया के रास्ते को लेकर विवाद था।आठ साल पहले ब्लाक प्रमुख, प्रधान और प्रशासन ने मिलकर विवाद का पटाक्षेप करवा दिया था। शुक्रवार को अंबेडकर प्रतिमा और ईदगाह को एक साथ क्षतिग्रस्त कर इस विवाद को फिर से जिंदा करने की कोशिश हुई।
ईदगाह से सरिया निकाल कर तोड़ी गई प्रतिमा
अराजक ने पहले ईदगाह के कुछ पिलर पर बने चांद तोड़कर सरिया निकाला था, फिर उसी सरिया से अंबेडकर प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किया। आशय था कि इससे शुक्रवार की सुबह दोनों वर्ग आपस में भिड़ जाएंगे। शाम तक की जांच में पुलिस टीम ने ऐसा करने और कराने वालों की पहचान तक हासिल कर ली है। ईदगाह और प्रतिमा के पास मिले फिंगरप्रिंट भी मैच करते हैं।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

