रांची-बनारस भारतमाला परियोजना के तहत पलामू जिले में एनएच-39 के फोरलेन निर्माण को क्षेत्र के विकास की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। बेहतर सड़क संपर्क, सुगम यातायात और आर्थिक गतिविधियों को गति देने के उद्देश्य से शुरू की गई इस परियोजना के साथ पर्यावरण संरक्षण की भी एक महत्वाकांक्षी योजना जुड़ी थी।
इसके तहत फोरलेन सड़क के दोनों किनारों पर 42,660 पौधे (गैबियन के साथ) लगाए जाने हैं, ताकि सड़क निर्माण के दौरान प्रभावित हुए पर्यावरण की भरपाई की जा सके। लेकिन सड़क निर्माण का बड़ा हिस्सा पूरा होने के बावजूद अधिकांश स्थानों पर हरित पट्टी विकसित नहीं हो सकी है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि हरित विकास का यह वादा आखिर कब पूरा होगा?
राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में पौधारोपण को पर्यावरणीय दायित्व का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। यही कारण है कि सड़क निर्माण के साथ-साथ हरित पट्टी के विकास को भी परियोजना का अभिन्न अंग बनाया गया है।
भोगू से शंखा तक फोरलेन निर्माण कार्य प्रगति पर
एनएच-39 के पैकेज-3 के तहत भोगू से शंखा तक फोरलेन सड़क का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जबकि इसके कई हिस्सों का निर्माण पिछले वर्ष ही पूरा हो चुका है। भोगू से पोखराहा, दुबियाखांड टोल प्लाजा से चियांकी बस्ती के बाहरी हिस्से तक, चियांकी पहाड़ी से सिंगरा, सिंगरा खुर्द से पड़वा तथा बसना से शंखा तक सड़क बन चुकी है।
इसके बावजूद अधिकांश हिस्सों में सड़क किनारे बड़े पैमाने पर पौधारोपण दिखाई नहीं देता। मानसून का मौसम पौधारोपण के लिए सबसे अनुकूल माना जाता है, लेकिन बारिश के बावजूद यह कार्य अपेक्षित गति नहीं पकड़ सका है।
प्राथमिकता के आधार पर पूरा हो पौधारोपण कार्य
मेदिनीनगर वन प्रमंडल के डीएफओ सत्यम कुमार ने एनएचएआई, पलामू के परियोजना निदेशक ए.के. मिश्रा को पत्र लिखकर चिंता जताई है। उन्होंने उच्च स्तरीय बैठक के निर्देशों के अनुरूप 42,660 पौधे गैबियन के साथ लगाने का आग्रह किया है।
साथ ही पिछले मानसून में सूख चुके पौधों के स्थान पर नए पौधे लगाने तथा उनका पंजी संधारित कर उसकी जानकारी वन विभाग को उपलब्ध कराने को कहा है।
डीएफओ ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान बारिश का मौसम पौधारोपण के लिए सबसे उपयुक्त समय है, जिससे पौधों के जीवित रहने की संभावना अधिक रहती है। ऐसे में इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाना चाहिए।
एनएचएआई ने पौधारोपण के लिए निकाला टेंडर
एनएचएआई ने एनएच-39 के पैकेज-3 के तहत भोगू से शंखा तक 15 हजार तथा पैकेज-4 में शंखा से नगर उंटारी बॉर्डर तक 32,410 पौधे लगाने के लिए टेंडर जारी किया है। हालांकि, अब तक टेंडर को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है।
परियोजना निदेशक ए.के. मिश्रा के अनुसार, पिछले वर्ष संवेदक द्वारा लगाए गए अधिकांश पौधे मृतप्राय हो गए हैं, जिन्हें बदलने का निर्देश दिया गया है। नए पौधे लगाने के लिए जारी टेंडर को भी शीघ्र अंतिम रूप देकर पौधारोपण का कार्य शुरू कराया जाएगा।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

