6th जनरेशन फाइटर जेट्स में क्यों जरूरी है वेरिएबल साइकिल इंजन? कम ईंधन में ज्यादा दूरी और बेहतर प्रदर्शन का राज
आधुनिक युद्धक विमानों की तकनीक तेजी से बदल रही है और अब 6th जनरेशन फाइटर जेट्स के विकास में इंजन तकनीक को सबसे अहम हिस्सा माना जा रहा है। इन विमानों के लिए वेरिएबल साइकिल इंजन (Variable Cycle Engine) को भविष्य की जरूरत बताया जा रहा है, क्योंकि यह कम ईंधन में अधिक दूरी तय करने और बेहतर प्रदर्शन देने में सक्षम हो सकता है।
वेरिएबल साइकिल इंजन की खासियत यह है कि यह अलग-अलग उड़ान परिस्थितियों के अनुसार अपने संचालन के तरीके को बदल सकता है। यानी विमान को जब तेज गति की जरूरत हो तो यह अधिक शक्ति दे सकता है और लंबी दूरी की उड़ान के दौरान ईंधन की बचत करने में मदद कर सकता है।
मौजूदा फाइटर जेट इंजन आमतौर पर एक निश्चित डिजाइन के आधार पर काम करते हैं, जबकि वेरिएबल साइकिल इंजन हाई-स्पीड और लंबी दूरी दोनों जरूरतों के बीच बेहतर संतुलन बनाने की कोशिश करता है। यही कारण है कि अमेरिका समेत कई देश अगली पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के लिए इस तकनीक पर काम कर रहे हैं।
6th जनरेशन फाइटर जेट्स में स्टील्थ क्षमता, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन के साथ नेटवर्किंग और लंबी दूरी के मिशन जैसी क्षमताओं पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे में ज्यादा रेंज और कम ईंधन खपत वाला इंजन इन विमानों की युद्धक क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, भविष्य के हवाई युद्ध में केवल तेज गति ही नहीं, बल्कि लंबे समय तक हवा में बने रहने की क्षमता भी बेहद महत्वपूर्ण होगी। इसी वजह से वेरिएबल साइकिल इंजन को अगली पीढ़ी के लड़ाकू विमानों की प्रमुख तकनीकों में शामिल किया जा रहा है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

