गोरखपुर वैभव हत्याकांड : हत्या बाद फिरौती वसूलने की थी साजिश, म्यूल खाता भी किया था तैयार
वैभव हत्याकांड की जांच में पुलिस के सामने फिरौती की साजिश से जुड़ा अहम खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपित सर्वेश ने हत्या के बाद सराफा कारोबारी परिवार से एक करोड़ रुपये की फिरौती वसूलने की पूरी योजना बना रखी थी। इसके लिए उसने टेलीग्राम के माध्यम से एक म्यूल बैंक खाता भी तलाश लिया था, ताकि रकम उसी खाते में मंगाई जा सके और पहचान छिपी रहे।
पुलिस पूछताछ में आरोपित ने स्वीकार किया है कि उसकी योजना मासूम की हत्या के बाद शव को दो दिन तक छिपाकर रखने की थी। इस दौरान वह परिवार को यह विश्वास दिलाता कि बच्चा जीवित है और उसकी सुरक्षित रिहाई के बदले एक करोड़ रुपये की मांग करता। फिरौती की रकम प्राप्त करने के लिए पहले से तैयार किए गए म्यूल खाते का इस्तेमाल करने की योजना थी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ में सामने आए तथ्यों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। विवेचना के दौरान फिरौती की साजिश से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है, ताकि मामले में उपलब्ध प्रत्येक साक्ष्य को आरोप पत्र का हिस्सा बनाया जा सके।
बेटे की हत्या से टूटे सराफा कारोबारी, जमीन बेचने की कर रहे बात
पत्नी के निधन के बाद बेटे वैभव की हत्या से सराफा कारोबारी हनुमान वर्मा गहरे सदमे में हैं। पुलिस से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में परिवार पर लगातार दुखद घटनाएं हुई हैं। उनका कहना है कि एक माह पहले उनकी पत्नी का निधन हो गया था और अब बेटे की हत्या ने पूरे परिवार को झकझोर दिया है।
हनुमान वर्मा ने बातचीत में उस जमीन का भी जिक्र किया, जिसे उन्होंने कुछ समय पहले खरीदा था। उन्होंने कहा कि उसी जमीन पर वह नई ज्वैलरी की दुकान बनवा रहे थे। लगातार हुई दो दुखद घटनाओं के बाद अब उन्होंने उस जमीन को बेचने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि जिस जमीन को उन्होंने खरीदा है, वहां हत्या हुई थी। सस्ते दाम पर मिलने से उन्होंने खरीद लिया था।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

