‘सजा बढ़ाने से शिक्षा में सुधार नहीं होगा’, लोकसभा में परीक्षा संशोधन विधेयक पर बोले गौरव गोगोई

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लोकसभा में पेश किए गए सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा हो रही है। एक तरफ जहां सरकार ने इस विधेयक की तारीफ की है तो वहीं विपक्ष ने इसके लेकर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि सरकार शिक्षा को लेकर गंभीर नहीं है।

इस संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान लोकसभा में बोलते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा, “इस बिल पर चर्चा शुरू करने से पहले मैं आपका ध्यान असम में आई बाढ़ और वहां लगभग 70 लोगों की मौत की ओर दिलाना चाहता हूं। इस सदन की ओर से भारी और दुखी मन से मैं केंद्र सरकार से असम के लोगों के लिए एक विशेष राहत पैकेज की घोषणा करने का अनुरोध करता हूं।”

‘सुधार को लेकर गंभीर नहीं सरकार’

गौरव गोगोई ने बिल की आलोचना करते हुए इसे दिखावा बताया और आरोप लगाया कि पेपर लीक रोकने वाला यह कानून परीक्षा में होने वाली गड़बड़ियों से ठीक से निपटने में सरकार की नाकामी को दिखाता है। उन्होंने सरकार पर शिक्षा सुधारों को लेकर गंभीर न होने का आरोप भी लगाया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंत्रियों से इंस्टाग्राम पर ध्यान देने के लिए कह रहे थे।

उन्होंने आगे कहा, “महोदय, मैं इस बिल के साथ अपनी बात शुरू करता हूं। हमने अभी माननीय मंत्री का बयान सुना है। उनके बयान को सुनने और इस संशोधन बिल की डिटेल्स पढ़ने के बाद यह साफ है कि यह सरकार शिक्षा क्षेत्र में सुधार को लेकर गंभीर नहीं है। यह सिर्फ दिखावे का बिल है। यह महज एक संशोधन बिल है। दो साल पहले सरकार ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024’ लेकर आई थी। उस समय भी यूजीसी और नीट 2024 परीक्षाओं को लेकर पूरे देश में काफी चिंता थी।”

‘छात्रों के विरोध प्रदर्शन को मिला अभिभावकों का समर्थन’

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि कथित पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के विरोध-प्रदर्शन को अभिभावकों का भी समर्थन मिला है। उन्होंने अपने बच्चों को इसमें शामिल होने के लिए भेजा क्योंकि यह मामला उनके भविष्य से जुड़ा था।

उन्होंने कहा, “मैं सदन के सामने 2024 नीट-यूजी पेपर लीक की जांच की मौजूदा स्थिति रखना चाहता हूं। ताकि देश यह समझ सके कि यह सरकार नीट परीक्षा में हुए बड़े भ्रष्टाचार को लेकर कितनी गंभीर है। बड़े अफसोस के साथ मैं यह बताना चाहता हूं कि 2026 में छपे एक लेख में कहा गया था कि नीट-यूजी 2024 पेपर लीक मामले में जिन 45 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी, उनमें से 44 को पहले ही जमानत मिल चुकी है।”

‘2024 में कानून लेकर आए और 2026 में फिर से पेपर लीक हो गया’

उन्होंने सवाल करते हुए कहा, “यही सरकार की गंभीरता है क्योंकि 2024 में यह कानून लाने के बाद भी 2026 में फिर से पेपर लीक हो गया। अगर कानून इतना मजबूत था तो सिर्फ दो साल बाद इतना बड़ा पेपर लीक कैसे हो गया? दुख की बात यह है कि उस समय भी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ही थे। जब 2024 का पेपर लीक एक राष्ट्रीय मुद्दा बन गया तो क्या आप जानते हैं कि धर्मेंद्र प्रधान ने क्या कहा? उन्होंने कहा, पेपर कहां लीक हुआ है? कोई पेपर लीक नहीं हुआ है।”

कांग्रेस नेता ने कहा कि नीट पेपर लीक मामले को लेकर छात्र सड़कों पर उतरने को मजबूर हुए हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह छात्रों की चिंताओं को खारिज करने के बजाय उनके दर्द को समझे। गौरव गोगोई ने यह भी कहा कि सजा बढ़ा देने से शिक्षा में सुधार नहीं होगा।

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