चंडीगढ़-पंजाब में इस मानसून सीजन में पहली बार बारिश का रेड अलर्ट, मोरनी में भूस्खलन का खतरा, हिमाचल में 250 से अधिक सड़कें बंद

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इस मानसून सीजन में चंडीगढ़ और पंजाब में पहली बार बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है तो हिमाचल प्रदेश में बारिश तबाही मचा रही है। नदी-नालों में डूबने से कई लोगों की मौत हो चुकी है और 250 से अधिक सड़कें बंद हैं। वहीं, हरियाणा के पहाड़ी क्षेत्र पंचकूला के माेरनी में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है।

सावन की शुरुआत से पहले ही ट्राईसिटी पर मानसून मेहरबान हो गया। मंगलवार सुबह से चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में झमाझम बारिश हुई। इससे जनजीवन प्रभावित हुआ।

सड़कों पर जलभराव से लोग जाम में फंसे। स्कूल, कॉलेज और दफ्तर जाने वालों को बारिश में भीगकर सफर करना पड़ा। मौसम विभाग ने अगले चार दिन ट्राईसिटी में बारिश की संभावना व्यक्त की है। पेड़ों, बिजली की तारों और खंभों से दूर रहने की अपील की है।

पीयू में करंट से छात्रा की मौत

बारिश के दौरान मंगलवार सुबह चंडीगढ़ में बड़ा हादसा हुआ। पंजाब यूनिवर्सिटी के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की एक पीएचडी स्कॉलर ज्योति की करंट लगने से मौत हो गई। ज्योति हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले की रहने वाली थी। सुबह गर्ल्स हॉस्टल नंबर-8 और यूआईईटी को जोड़ने वाली सड़क के साथ बने कच्चे रास्ते से गुजरते समय उन्हें करंट लग गया।

सुखना में जलस्तर बढ़ने से प्रशासन अलर्ट

चंडीगढ़ की लाइफलाइन सुखना लेक का जलस्तर 1160 फीट का स्तर पार कर चुका है, जिससे प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। यदि जलस्तर 1163 फीट तक पहुंचता है तो सुरक्षा के मद्देनजर सुखना लेक के फ्लड गेट कभी भी खोले जा सकते हैं।

सुखना लेक के साथ-साथ उसके कैचमेंट एरिया में भी लगातार पानी आ रहा है। नगर निगम के इंजीनियरिंग विभाग की टीमें चौबीसों घंटे जलस्तर की निगरानी कर रही हैं और हर घंटे स्थिति की समीक्षा की जा रही है।

हरियाणा-पंजाब को चंडीगढ़ प्रशासन का अलर्ट जारी

फ्लड गेट खोले जाने की संभावना को देखते हुए पंजाब और हरियाणा प्रशासन को दोबारा अलर्ट जारी किया गया है। सुखना लेक से छोड़ा गया पानी सुखना चो के रास्ते आगे जाकर घग्गर नदी में मिलता है। इससे घग्गर का जलस्तर भी बढ़ सकता है और पंजाब के मोहाली जिले के बलटाना, जीरकपुर तथा आसपास के निचले इलाकों में बाढ़ या जलभराव की स्थिति बनने का खतरा बढ़ जाता है।

मोरनी में कई घंटे मार्ग रहा बाधित

रविवार को मोरनी-जेबीटी सड़क पर भारी भूस्खलन होने से मार्ग कई घंटों तक बाधित रहा। पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर सड़क पर आ गिरने से करीब तीन किलोमीटर तक सड़क अवरुद्ध हो गई। कई जगह भूस्खलन जारी है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।

पंजाब में उफान पर नदियां

पंजाब में सतलुज, ब्यास और रावी नदियों का जलस्तर बढ़ने से राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। फिरोजपुर, फाजिल्का, अमृतसर और गुरदासपुर जैसे कई जिलों में लाखों हेक्टेयर कृषि भूमि पानी में डूब चुकी है।

हिमाचल में बारिश से तबाही

हिमाचल में बारिश से तबाहीहिमाचल प्रदेश में भारी मानसूनी बारिश और फ्लैश फ्लड (अचानक आई बाढ़) ने चंबा और शिमला सहित कई जिलों में भीषण तबाही मचाई है। शिमला में ढली-संजौली बाईपास और कार्ट रोड सहित कई मुख्य मार्गों पर पहाड़ी दरकने (लैंडस्लाइड) से मुख्य रास्ते बंद हो गए हैं और सड़कों पर जलभराव के कारण उफनते पानी से जनजीवन अस्त-व्यस्त है।

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