जम्मू-कश्मीर ने बिजली वितरण प्रणाली में सुधार और उपभोक्ताओं को निर्बाध व गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति प्रदान करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। केंद्र सरकार की पुनरुत्थान वितरण क्षेत्र योजना (RDSS) के तहत स्मार्ट मीटर लगाने के मामले में जम्मू-कश्मीर ने राष्ट्रीय औसत को काफी पीछे छोड़ते हुए बेहतरीन प्रदर्शन किया है।
केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, 30 जून 2026 तक जम्मू-कश्मीर में कुल मंजूर 14.97 लाख से अधिक स्मार्ट मीटरों में से 9,70,776 स्मार्ट मीटर जोकि 64.8 प्रतिशत हैं, सफलतापूर्वक स्थापित किए जा चुके हैं।केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपाद नाईक की ओर से राज्यसभा में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर का यह प्रदर्शन देश के अन्य राज्यों की तुलना में काफी सराहनीय है। जहां पूरे देश में आरडीएसएस के तहत औसत स्मार्ट मीटर इंस्टालेशन दर 28.2 प्रतिशत है, वहीं जम्मू-कश्मीर ने 64.8 प्रतिशत का आंकड़ा हासिल कर लिया है।
उपभोक्ताओं को मिलेंगे ये फायेदे
जम्मू-कश्मीर ने स्वीकृत 14.07 लाख कंज्यूमर मीटरों में से 9.36 लाख से अधिक मीटर (66.6 प्रतिशत) स्थापित कर लिए हैं। यह 27.9 प्रतिशत के राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक है। इसके साथ ही 32,419 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर मीटर और 1,452 फीडर मीटर भी लगाए जा चुके हैं। स्मार्ट मीटरिंग के माध्यम से जम्मू-कश्मीर का बिजली विभाग न केवल बिजली चोरी और तकनीकी नुकसान को कम करने में सक्षम होगा, बल्कि उपभोक्ताओं को भी 24 घंटे बेहतर और पारदर्शी बिजली सेवाएं मिल सकेंगी।
अब ऐप से देखें रियल-टाइम बिजली खपत
योजना का मुख्य उद्देश्य बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता और विश्वसनीयता को बढ़ाना है। स्मार्ट मीटरों के लगने से केंद्र व प्रशासन की ओर से उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए कई कदम उठाए गए हैं। सभी स्मार्ट मीटर भारतीय मानक ब्यूरो मानकों के अनुरूप हैं। किसी भी शिकायत की स्थिति में रीडिंग जांचने के लिए चेक मीटर लगाने की सुविधा दी गई है। उपभोक्ता अपने मोबाइल ऐप के जरिए अपनी बिजली की खपत को रियल-टाइम में देख सकेंगे। प्रीपेड मीटर अपनाने पर बिलों में छूट, कम राशि के रिचार्ज विकल्प और इमरजेंसी क्रेडिट अलर्ट की सुविधा मिलेगी। पुराने बिजली बकाये को आसान किश्तों में चुकाने का विकल्प दिया गया है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

