हिंदी सिनेमा जगत में काफी लंबे समय से ऐसे गीत बनते आ रहे हैं, जो शादियों में लोगों की पहली पसंद बने रहते हैं। फिर चाहे वो डीजे प्लेलिस्ट के लिए हो या फिर महिला संगीत में ढोलक की थाप की शान बढ़ाने वाले क्यों न हो।
इस आधार पर आज हम आपको अभिनेत्री मीनाक्षी शेषाद्रि के 38 साल पुराने एक ऐसे कल्ट क्लासिक गीत के बारे में बताने जा रहे हैं, जो महिला संगीत में लेडीज का फेवरेट माना जाता है। आज भी इस देसी गीत को खूब सुना जाता है। आइए जानते हैं कि यहां कौन से गाने के बारे में जिक्र किया जा रहा है।
मीनाक्षी का कल्ट देसी गाना
शादी समारोह की शोभा बढ़ाने वाले हिंदी फिल्म के गानों के बारे में बात की जाए तो फेहरिस्त काफी ज्यादा लंबी है। लेकिन उनमें से कुछ चुनिंदा सॉन्ग्स ऐसे रहे हैं, जो समय के साथ-साथ कालजयी बन गए। उनमें से एक गीत अमिताभ बच्चन, जया प्रदा, मीनाक्षी शेषाद्रि और मिथुन चक्रवर्ती स्टारर फिल्म गंगा जमुना और सरस्वती से नाता रखता है, उस गाने के बोल हैं- साजन मेरा उस पार है… (Saajan Mera Us Paar Hai)।
इस गाने को मूल रूप से एक चलती ट्रेन में मीनाक्षी शेषाद्रि पर फिल्माया गया है। इसमें आपको अमिताभ बच्चन और जया प्रदा की झलक भी देखने को मिलेगी। गंगा जमुना सरस्वती फिल्म का साजन मेरा उस पार है… गाना 38 साल बाद भी कल्ट है और इसे काफी पसंद किया जाता है। माना ये भी जाता है कि इस मूवी की लोकप्रियता में इस गीत का भी अहम योगदान है।
साजन मेरा उस पार है… गाने को हिंदी सिनेमा की वरिष्ठ गायिका लता मंगेशकर ने अपनी मधुर आवाज में गाया था और आज भी लता दीदी की आवाज में ये देसी गीत अमर है। इस गीत के संगीतकार अनु मलिक हैं, जिनकी धुनों पर ये तैयार हुआ था और इसके लिरिक्स गीतकार इंद्रवीर की कलम से निकले थे। इस तरह से गंगा जमुना सरस्वती का ये आईकॉनिक सॉन्ग बनकर तैयार हुआ।
महिला संगीत की जान
गंगा जमुना सरस्वती का साजन मेरा उस पार है… गाना देहाती शादियों में महिला संगीत पर खूब गाया जाता है। महिलाएं ढोलक की थाप इस गीत का इस्तेमाल कर वेडिंग सेरेमनी के रोमांच को बढ़ा देती हैं। यही कारण है कि मीनाक्षी शेषाद्रि का ये गीत आज भी वेडिंग प्लेलिस्ट में शामिल रहता है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

