देश में बढ़ती मोटापा, डायबिटीज और हृदय संबंधी बीमारियों जैसी स्वास्थ्य समस्याओं को देखते हुए भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने जंक फूड पर ‘हेल्थ टैक्स’ लगाने का प्रस्ताव दिया है। इस प्रस्ताव के तहत चिप्स, बर्गर, पिज्जा, कोल्ड ड्रिंक और अन्य अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों को महंगा किया जा सकता है।
ICMR का मानना है कि अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थों पर अतिरिक्त टैक्स लगाने से इनके अत्यधिक सेवन को कम करने में मदद मिलेगी और लोग अधिक पौष्टिक एवं संतुलित आहार अपनाने के लिए प्रेरित होंगे। यह कदम सार्वजनिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यदि इस प्रस्ताव को सरकार मंजूरी देती है, तो जंक फूड और शुगर युक्त पेय पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, फिलहाल यह केवल एक प्रस्ताव है और इसे लागू करने को लेकर सरकार की ओर से अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के उपायों का उद्देश्य लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि गैर-संचारी रोगों के बढ़ते बोझ को कम किया जा सके।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

