इंसान हुआ मोटा, सीटें हुईं संकरी! 40 साल में हवाई जहाज की सीटों की चौड़ाई 4 इंच तक घटी
बीते चार दशकों में हवाई यात्रा का स्वरूप काफी बदल गया है। जहां एक ओर लोगों का औसत वजन और शारीरिक आकार बढ़ा है, वहीं दूसरी ओर विमानों की सीटें पहले की तुलना में अधिक संकरी हो गई हैं। रिपोर्टों के अनुसार, पिछले 40 वर्षों में विमान की सीटों की चौड़ाई में करीब 4 इंच तक की कमी दर्ज की गई है।
एयरलाइंस लगातार अधिक यात्रियों को एक ही विमान में समायोजित करने के लिए सीटों के बीच की दूरी और उनकी चौड़ाई कम करती रही हैं। इसका असर यात्रियों के आराम पर साफ दिखाई देता है। लंबी दूरी की उड़ानों में सीमित लेगरूम और संकरी सीटों के कारण यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते औसत वजन और घटते सीट स्पेस का यह असंतुलन भविष्य में स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े सवाल भी खड़े कर सकता है। कई उपभोक्ता संगठन और विमानन विशेषज्ञ लंबे समय से न्यूनतम सीट आकार और पर्याप्त लेगरूम सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं, ताकि यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा दोनों बनी रहें।
विमानन उद्योग में यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में एयरलाइंस के लिए व्यावसायिक लाभ और यात्रियों के आराम के बीच संतुलन बनाना एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

