यूक्रेन के तट पर रूसी हमले में चार भारतीय नाविकों की मौत पर भारत ने कड़ा रुख अपनाया है। भारत ने मंगलवार को रूस के चार्ज डी’अफेयर्स (राजनयिक प्रतिनिधि) को तलब किया है।
बता दें कि ‘एमवी गोल्डन लियो’ नाम के इस जहाज पर रविवार को हमला हुआ था, जब वह यूक्रेन के दक्षिणी बंदरगाह ओडेसा से निकला था। भारत ने सोमवार को गिनी-बिसाऊ के झंडे वाले मर्चेंट जहाज पर हुए हमले की निंदा की, जिसमें जहाज पर सवार 10 नाविकों की मौत हो गई थी। साथ ही भारत ने संघर्ष के दौरान कमर्शियल शिपिंग को निशाना बनाए जाने को रोकने की अपनी मांग को फिर से दोहराया।
विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में रूस का नाम लिए बिना कहा, “भारत ऐसे हमलों की निंदा करता है और दोहराता है कि कमर्शियल शिपिंग को निशाना बनाना और निर्दोष आम नागरिकों (क्रू सदस्यों) की जान जोखिम में डालना या नेविगेशन और व्यापार की आजादी में बाधाडालना निंदनीय है और ऐसा नहीं किया जाना चाहिए।”
रूस-यूक्रेन संघर्ष में भारतीय नाविकों की मौत का यह पहला मामला है। हाल के हफ्तों में होर्मुज स्ट्रेट में व्यापारिक जहाजों पर ईरानी और अमेरिकी हमलों में आधे दर्जन से ज्यादा भारतीय नाविकों की मौत को लेकर भारत पहले ही ईरान और अमेरिका के सामने कड़ा विरोध दर्ज करा चुकी है।
एमवी गोल्डन लियो के साथ क्या हुआ?
यूक्रेनी नौसेना के अनुसार, रूस ने गिनी-बिसाऊ के झंडे वाले जहाज पर तीन क्रूज मिसाइलों से हमला किया। इस जहाज पर भारत और सीरिया के क्रू सदस्य सवार थे। यूक्रेनी वायु सेना ने बताया कि रूसी क्रूज मिसाइलों के हमले से जहाज में आग लग गई।
इसके बाद विदेश मंत्रालय (MEA) ने बताया कि इस घटना में चार भारतीय नागरिकों की मौत हो गई और एक व्यक्ति को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। एमवी गोल्डन लियो एक जनरल कार्गो शिप था और घटना के समय इस पर 17 क्रू मेंबर सवार थे।
यूक्रेन के सीपोर्ट अथॉरिटी ने सोमवार को बताया कि मरने वालों में गोल्डन लियो के नौ क्रू मेंबर और पोर्ट का एक यूक्रेनी पायलट शामिल था। रॉयटर्स द्वारा बताए गए डेटा के अनुसार, एमवी गोल्डन लियो मुंबई की कंपनी ओशन ग्रेस शिपिंग लिमिटेड की है।
हाल के हफ्तों में रूस के हमले तेज होने के कारण ओडेसा इलाके और यूक्रेन के समुद्री रास्ते से सामान भेजने वाले आखिरी बचे कॉरिडोर पर लगातार हमले हो रहे हैं। मॉस्को ने उन विदेशी झंडे वाले कार्गो जहाजों पर हमला किया है जो रोमानिया और बुल्गारिया के तट से होते हुए तुर्की तक सामान ले जाते हैं।
यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने इस हमले की पुष्टि की है। सिबिहा ने कहा, “एक आम नागरिक जहाज। एक अंतरराष्ट्रीय क्रू। एक ऐसा रास्ता जो दुनिया की खाद्य सुरक्षा में मदद करता है। पुतिन को एक और निशाना मिल गया।”

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

