वाराणसी जिले ने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत आभा आईडी बनाने में बेहतर प्रगति दर्ज की है। जिले ने 32.3 लाख आभा कार्ड तैयार कर प्रदेश में सातवें स्थान पर पहुंच गया है। यह उपलब्धि स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
जिला स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में प्रयागराज प्रथम स्थान पर है, जहां 42.4 लाख आभा कार्ड बनाए गए हैं। दूसरे स्थान पर बरेली (36 लाख), तीसरे पर सीतापुर (35.5 लाख), चौथे पर आजमगढ़ (34.6 लाख), पांचवें पर गोरखपुर (33.1 लाख), छठे पर जौनपुर (32.5 लाख) और सातवें स्थान पर वाराणसी (32.3 लाख) है।
लखनऊ 32.2 लाख के साथ आठवें और आगरा 32 लाख कार्ड के साथ निचले पायदान पर है। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण वाराणसी मंडल के अपर निदेशक डा. एनडी शर्मा ने बताया कि आभा आईडी अभियान को तेज गति दी गई है। सीएचसी, पीएचसी और जिलास्तरीय अस्पताल में विशेष काउंटर स्थापित किए गए हैं।
आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी इसमें सक्रिय रूप से शामिल किया गया है। आमजन को जागरूक करने के लिए शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। आभा आईडी बनने से मरीजों का पूरा स्वास्थ्य रिकार्ड डिजिटल रूप में एक जगह उपलब्ध हो जाएगा। इससे इलाज में आसानी होगी, दवा की दोहराव कम होगी और डाक्टरों को पूर्व चिकित्सा इतिहास तुरंत मिल सकेगा।
आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों के लिए यह कार्ड विशेष रूप से उपयोगी साबित हो रहा है। वाराणसी के कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सुबह से शाम तक पंजीकरण की व्यवस्था है। शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी मोबाइल वैन के माध्यम से कैंप लगाए जा रहे हैं।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

