बिहार विधानमंडल का पांच दिवसीय मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो गया। सत्र के पहले ही दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक टकराव के संकेत मिल गए।
एक ओर सरकार अनुपूरक बजट और कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने की तैयारी में है, तो दूसरी ओर विपक्ष विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति के साथ सदन पहुंचा।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत सरकार के सभी प्रमुख मंत्री और सत्तापक्ष के विधायक विधानसभा पहुंचे। यह सत्र इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि इसके दौरान सम्राट सरकार के 100 दिन पूरे हो रहे हैं।
सरकार इन 100 दिनों की उपलब्धियों को भी सदन में प्रमुखता से रखने की तैयारी में है। वहीं विपक्ष इस दौरान हमलावर रहने का प्रयास करेगा।
आज पेश होगा पहला अनुपूरक बजट
मानसून सत्र के दौरान उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट पेश करेंगे।
इसके अलावा सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों को भी सदन में लाने की तैयारी कर चुकी है। सत्र के दौरान विभिन्न विभागों के कामकाज और जनहित के मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
तेजस्वी यादव की मौजूदगी पर संशय
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के सत्र में शामिल होने को लेकर खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई थी।
हालांकि उनकी अनुपस्थिति के बावजूद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और वाम दलों के विधायक पूरी तैयारी के साथ सदन पहुंचे और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
विधानसभा पहुंचने से पहले विपक्ष का मार्च
सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले राजद और वाम दलों के विधायकों ने पटना के सप्तमूर्ति स्थल से विधानसभा तक विरोध मार्च निकाला। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए नारेबाजी की।
विधानसभा के मुख्य प्रवेश द्वार पर भी विपक्षी विधायकों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान नीट पेपर लीक का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया।
पोस्टरों के जरिए उठाए कई मुद्दे
विपक्षी विधायकों के हाथों में विभिन्न मांगों वाले पोस्टर थे। इनमें डिग्री कॉलेजों में उर्दू शिक्षकों की बहाली, मदरसा शिक्षकों का लंबित वेतन जारी करने, अल्पसंख्यकों के खिलाफ मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर रोक लगाने तथा दोषियों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाकर सख्त सजा देने जैसी मांगें प्रमुख थीं।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
विधानमंडल सत्र को देखते हुए विधानसभा परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। परिसर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती की गई है।
आने-जाने वालों की सघन जांच की जा रही है, जबकि संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल और निगरानी की व्यवस्था की गई है। सरकार और प्रशासन किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह अलर्ट है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

