पंजाब में हिमाचल प्रदेश के बढ़े हुए एंट्री टैक्स को लेकर बुधवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। सीमावर्ती क्षेत्रों में लोगों का गुस्सा सड़कों पर नजर आया और कई जगहों पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। नंगल में निर्धारित कार्यक्रम के तहत प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग विस्तार 503 पर धरना शुरू कर दिया।
बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए, जिससे मार्ग पर लंबा जाम लग गया। स्थानीय संगठनों और आम लोगों ने बढ़े हुए टैक्स को तुरंत वापस लेने की मांग उठाई। विरोध का असर केवल नंगल तक सीमित नहीं रहा। मैहतपुर, गड़ामोड़ा और अन्य सीमावर्ती इलाकों में भी लोगों ने सड़कों पर बैठकर यातायात रोक दिया।
हालात ऐसे बने कि धर्मशाला-चंडीगढ़ मार्ग भी बाधित हो गया और वाहनों को वैकल्पिक रास्तों से भेजना पड़ा। ऊना और नंगल से संतोषगढ़ मार्ग की ओर यातायात मोड़ दिया गया।
जमीनी स्तर घोषणाओं से परे
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री द्वारा छोटे वाहनों से 70 रुपये शुल्क लेने की घोषणा की गई थी, लेकिन जमीनी स्तर पर 100 से 170 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। इससे लोगों में भारी नाराजगी है। उनका आरोप है कि सरकार की घोषणा और वसूली में अंतर होने से आम जनता के साथ धोखा हो रहा है।
सुबह से ही कालका-पिंजौर मार्ग, मढ़ावाला-बरोटीवाला, बद्दी और नालागढ़ से लगते प्रवेश बिंदुओं पर लंबा जाम लग गया। बघेरी क्षेत्र में वाहनों की कतारें कई किलोमीटर तक पहुंच गईं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शन तेज करने की चेतवानी
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि एंट्री टैक्स को वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। कुछ संगठनों ने तो हिमाचल के पर्यटन सीजन का बहिष्कार करने तक की बात कही है और लोगों से अन्य राज्यों की ओर रुख करने की अपील की है।
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात कर दिया है। अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और यातायात सुचारु करने की कोशिश की जा रही है। कुल मिलाकर हिमाचल एंट्री टैक्स के मुद्दे ने पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों में बड़ा जनआंदोलन का रूप ले लिया है, जिससे आम जनजीवन और आवागमन दोनों प्रभावित हुए हैं।


