रजवाहे की सफाई न होने से हर साल डूब रही फसलें, SDM ने सिंचाई विभाग समेत 4 विभागों से मांगा जवाब
सिंचाई विभाग के रजवाहे से हर वर्ष कैल गांव के किसानों की दर्जन एकड़ फसल बर्बाद हो जाती है। इन खेतों के मालिक किसानों को न तो खरीफ के दौरान फसल मिलती है और न ही रबी के मौसम में कोई दाना घर आता है।
इस मामले में किसानों ने कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की हैं, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है। अब इस मामले में एसडीएम कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए चार विभागों के कार्यकारी अभियंता को नोटिस भेज कर तलब किया है।
सिंचाई विभाग के हरचंदपुर उपमंडल का एक रजवाहा गुरुग्राम नहर से निकल कर खंदावली, कैल गांव, शाहपुर खुर्द, जाजरू के खेतों से होते हुए पियाला तक जाता है। अब इन गांवों के खेतों में काफी संख्या में अवैध कालोनी बस चुकी हैं। इसलिए रजवाहे का पानी इन गांवों में पूरी तरह से फसलों की सिंचाई करने के लिए प्रयोग नहीं हो पाता है।
रजवाहे की सिंचाई विभाग भी अच्छी तरह से देख-रेख नहीं करता है। रजवाहे के अंदर साफ-सफाई न होने के कारण झाड़िया खडी हो गई हैं। यही कारण है कि रजवाहा टूट जाता है और पानी बह कर खेतों में भर जाता है। पिछले कई वर्षों से यह किसानों के लिए गंभीर समस्या बनी हुई है। इस मामले में कैल गांव के किसानों ने एसडीएम से शिकायत की थी।
एसडीएम मयंक भारद्वाज ने मौका देखा। यहां पर दर्जन भर एकड़ भूमि में मकान बने हुए और जलभराव हो रहा है। जलभराव के अंदर बिजली के टावर खड़े हुए हैं। इससे पानी में बिजली का करंट आ सकता है और किसी दिन व्यक्ति या पशु की जान माल की हानि हो सकती है। इस मामले में संज्ञान लेते हुए एसडीएम भारद्वाज ने चार विभागों के कार्यकारी अभियंताओं को कोर्ट से नोटिस जारी कर दिए हैं।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

