बेंगलुरु: कर्नाटक के परिवहन मंत्री के साथ राज्य परिवहन निगम की बस में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई। मंत्री जब बस में सफर कर रहे थे, तब टिकट लेने के दौरान उनके पास किराए के लिए छुट्टे पैसे नहीं थे। इस पर कंडक्टर ने नियमों का हवाला देते हुए स्पष्ट कहा कि यदि छुट्टे पैसे नहीं हैं तो उन्हें बस से उतरना होगा।
बताया जा रहा है कि कंडक्टर मंत्री की पहचान से अनजान था और उसने सभी यात्रियों की तरह उनसे भी निर्धारित किराया मांगा। जब छुट्टे पैसे उपलब्ध नहीं हुए तो उसने नियमों के अनुसार बस से उतरने के लिए कह दिया। बाद में मंत्री की पहचान सामने आने पर स्थिति स्पष्ट हुई।
इस घटना की चर्चा इसलिए भी हो रही है क्योंकि कंडक्टर ने बिना किसी भेदभाव के नियमों का पालन किया। सोशल मीडिया पर कई लोग उसकी निष्पक्ष कार्यशैली की सराहना कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में अनुशासन और समानता का उदाहरण बता रहे हैं।
हालांकि, इस मामले में परिवहन विभाग की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक सेवाओं में नियमों के समान अनुपालन और जवाबदेही को लेकर चर्चा तेज कर दी है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

