नई दिल्ली: भारतीय बल्लेबाज श्रेयस अय्यर ने इंग्लैंड दौरे में टीम में जगह नहीं मिलने के बाद अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ऐसे विदेशी दौरों पर सफलता हासिल करने के लिए टीम को अपनी गलतियों से सीख लेने और हर परिस्थिति के अनुसार खुद को ढालने की जरूरत है। अय्यर का मानना है कि छोटे-छोटे फैसले और अनुशासित प्रदर्शन ही कठिन परिस्थितियों में मैच का रुख बदल सकते हैं।
श्रेयस अय्यर ने स्वीकार किया कि इंग्लैंड जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों को अधिक जिम्मेदारी के साथ खेलना होता है। उन्होंने कहा कि टीम को साझेदारियां बनाने, शुरुआती मौकों का फायदा उठाने और दबाव के क्षणों में संयम बनाए रखने पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
भारतीय बल्लेबाज ने यह भी कहा कि विदेशी दौरों पर अनुभव के साथ-साथ मानसिक मजबूती भी बेहद अहम होती है। उनके अनुसार, खिलाड़ियों को परिस्थितियों के अनुसार अपनी रणनीति में बदलाव करने और हर सत्र में बेहतर प्रदर्शन करने की मानसिकता अपनानी चाहिए।
अय्यर ने भरोसा जताया कि भारतीय टीम के पास प्रतिभा और क्षमता की कोई कमी नहीं है। यदि खिलाड़ी अपनी पिछली गलतियों से सीख लेकर मैदान पर उतरेंगे, तो आने वाले विदेशी दौरों में बेहतर नतीजे हासिल किए जा सकते हैं। उन्होंने टीम को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने और निरंतर सुधार पर ध्यान देने की सलाह दी।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

