बाराबंकी में घर के पास मिलेगी सुरक्षित प्रसव की सुविधा, बनेंगे 90 डिलीवरी प्वाइंट
ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित प्रसव सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अहम पहल की है। 90 उपकेंद्रों को डिलीवरी प्वाइंट के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि गर्भवती महिलाओं को घर के पास सुरक्षित प्रसव की सुविधा मिल सके।
इनमें से 10 प्वाइंट जुलाई माह में ही बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मसौली के ज्योरी में पहला डिलीवरी प्वाइंट बनाया जा चुका है और यहां पर प्रसव शुरू हो चुके हैं।
चयनित उपकेंद्रों पर आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने के साथ स्टाफ व संसाधन बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे प्रसव सेवाओं को और अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाया जा सके। इससे आपातकालीन प्रसव प्रबंधन मजबूत होगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त सुविधाओं की कमी के कारण गर्भवती महिलाओं को निजी अस्पतालों में महंगे खर्च पर प्रसव कराना पड़ता है। इस व्यवस्था से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है।
जिले में 106 स्थानों पर प्रसव की सुविधा उपलब्ध हैं। सर्वाधिक प्रसव जिला महिला अस्पताल में होते हैं। 15 सीएचसी सहित 40 पीएचसी पर सामान्य प्रसव की सुविधा है। एफआरयू का दर्जा प्राप्त छह सीएचसी पर सीजर की भी व्यवस्था है।
ये मिलेंगी सुविधाएं
डिलीवरी प्वाइंट के रूप में चिह्नित स्वास्थ्य केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, जटिल गर्भावस्था की पहचान, नवजात शिशु के स्वास्थ्य की निगरानी, संक्रमण नियंत्रण और आपातकालीन प्रसव प्रबंधन की बेहतर सुविधा मिलेगी।
20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर नहीं हो रहे प्रसव
जिले भर में 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऐसे हैं, जहां पर बुनियादी ढांचे की कमी से प्रसव सुविधा गर्भवती महिलाओं को नहीं मिल पा रही है। इनमें गोबरहा, खिझना, टिकैतगंज, टीकारामन,सेमरावां, कोरियानी, सहावर, बबुरीगांव, पीरपुर, सेठमऊ, शरीफाबाद, टेरा, रसौली, रमवापुर आदि शामिल हैं। कहीं पर स्टाफ की कमी तो कहीं पर संसाधनों का अभाव, ऐसे में यहां की महिलाओं को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या फिर जिला अस्पताल जाना पड़ता है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

