भारत-इंडोनेशिया का अपना होर्मुज, 10 समझौते और पलट जाएगा चीन का गेम प्लान; Inside Story
ईरान युद्ध के दौरान पूरी दुनिया ने होर्मुज जलडमरूमध्य की ताकत और अहमियत देख ली। ईरान ने युद्ध के दौरान होर्मुज बंद करके दुनिया भर में तेल की की कीमतों तो आसमान पर लगा दिया। इससे सबक लेते हुए भारत अब इंडोनेशिया के साथ मिलकर हिंद महासागर में अपना ‘होर्मुज’ बनाने जा रहा है।
ये ‘होर्मुज’ स्ट्रेट ऑफ मलक्का के एंट्री प्वॉइंट पर स्थित है। यहां से भारत के अंडमान निकोबार द्वीप समूह में स्थित इंदिरा प्वॉइंट मात्र 100 मील दूरी पर है। भारत और इंडोनेशियों के इस कदम में हिंद महासागर में चीन चालबाजियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
सबांग बंदरगाह को मिलकर विकसित करेंगे भारत और इंडोनेशिया
आपको बता दें कि भारत और इंडोनेशिया ने मिलकर अपनी समुद्री रणनीति को आगे बढ़ाते हुए सबांग पोर्ट के विकास की ओर महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। इंडोनेशिया दौरे पर गए पीएम मोदी और वहां के राष्ट्रपति प्रबोवो सुवियांतो के साथ मिलकर इस समझौते पर हस्ताक्षर हुए हैं। दोनों देश मिलकर इंडोनेशिया के सबांग बंदरगाह को विकसित करेंगे और इसे आधुनिक रूप देंगे, जिसके साथ ही इस द्वीप पर भारत का दखल भी बढ़ेगा।
क्यों महत्वपूर्ण है सबांग बंदरगाह?
दुनिया के सबसे व्यस्त और रणनीतिक समुद्री मार्गों में से एक मलक्का स्ट्रेट के एंट्री प्वॉइंट पर स्थित होने की वजह इसे खास बनाती है। साथ ही भारत के ग्रेट निकोबार पोर्ट प्रोजेक्ट से सबांग पोर्ट की दूरी सिर्फ 100 मील दूर है, जो भारत के नजरिये से बहुत अहम है।
भारत के लिए मलक्का की अहमियत
मलक्का स्ट्रेट हिंद महासागर और दक्षिण चीन सागर को जोड़ता है। दुनिया का 25 प्रतिशत व्यापार यहीं से होता है। जिनमें कोयला, पाम ऑयल, चीनी सामान और तेल अहम है। भारत के लिए इसका महत्व आर्थिक और रणनीतिक है। भारत का चीन, जापान और दक्षिण कोरिया के साथ होने वाले व्यापार का हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है। भारत के पेट्रोलियम, कोयले, मशीनरी और कंटेनर व्यापार के लिए ये लाइफलाइन जैसा है।
इसके अलावा ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ के तहत साउथ-ईस्ट एशिया से संपर्क करने में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए अब भारत मलक्का स्ट्रेट के मुहाने पर स्थित सबांग द्वीप को इंडोनेशिया के साथ मिलकर विकसित करेगा।
बिना नाम लिए पीएम मोदी का चीन पर निशाना
पीएम मोदी ने इंडोनेशिया की संसद को संबोधित करते हुए बिना नाम लिए चीन पर निशाना साधा। पीएम ने कहा कि भारत, दुनिया का वो देश है, जो विस्तारवाद नहीं, विकासवाद की नीति पर चलता है और इसलिए हम भारत में कहते हैं सबका साथ – सबका विकास। आज मैं यही मंत्र, यही भावना लेकर इंडोनेशिया के आप सभी सांसद सदस्यों के बीच आया हूं।
भारत और इंडोनेशिया के बीच अहम समझौते
- इंडोनेशिया का सबांग पोर्ट विकसित करेगा भारत
- इंडोनेशिया को EVM बनाने में मदद करेगा भारत
- रक्षा क्षेत्र में ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइलें खरीदेगा इंडोनेशिया
- रेयर अर्थ मटीरियल प्रोजेक्ट
- UPI पेमेंट सिस्टम
- AI,
- डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर,
- टेलीकम्युनिकेशन,
- अंतरिक्ष और अन्य भविष्य के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति व्यक्त की।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

