गोरखपुर छात्रा मौत: रामगढ़ताल में डूबने से हुई ईशु की मौत, पुलिस जांच में साजिश का सुराग नहीं

 रामगढ़ताल में कूदकर जान देने वाली भदोही जिले की छात्रा ईशु उर्फ आलिया मोदनवाल की मौत के मामले में पुलिस जांच पूरी हो गई है। जांच में अब तक किसी प्रकार की साजिश, उकसावे या आपराधिक घटना का कोई प्रमाण नहीं मिला है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, सीसी कैमरा फुटेज, काल डिटेल रिकार्ड और परिजनों के बयान की पड़ताल के बाद रामगढ़ताल थाना पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि छात्रा की मौत डूबने से हुई।

मूल रूप से भदोही जिले के सुरियावां कस्बा क्षेत्र की रहने वाली ईशु उर्फ आलिया मोदनवाल, रिंकू मोदनवाल की पुत्री थी। उसका परिवार वर्तमान में गोरखपुर में रचित अस्पताल के पास किराये के मकान में रहता है। पिता कैटरिंग का कार्य करते हैं, जबकि मां नमिता घरों में खाना बनाने का काम करती हैं।

पुलिस के अनुसार शुक्रवार (12 जून) की सुबह माता-पिता काम पर चले गए थे। इसके बाद करीब साढ़े दस बजे ईशु घर से निकली और दोपहर करीब 12 बजे रामगढ़ताल के चंपा देवी पार्क के सामने पहुंच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वह कुछ देर तक ताल किनारे घूमती रही और फिर अचानक रेलिंग फांदकर पानी में छलांग लगा दी। मौके पर मौजूद लोगों ने शोर मचाया और कुछ युवकों ने ताल में उतरकर उसे बाहर निकाला, लेकिन जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।

जांच के दौरान पुलिस ने छात्रा के संपर्क में रहने वाले एक छात्र को पूछताछ के लिए बुलाया था। कॉल डिटेल की जांच में दोनों के बीच बातचीत होने की पुष्टि हुई, लेकिन किसी प्रकार के विवाद, दबाव, धमकी या घटना से जुड़े कारण सामने नहीं आए। पूछताछ और तकनीकी जांच के बाद छात्र को छोड़ दिया गया। पुलिस ने घर से रामगढ़ताल तक के संभावित मार्ग और घटनास्थल के आसपास लगे सीसी कैमरों की फुटेज खंगाली।

जांच में छात्रा अकेले जाती हुई दिखाई दी। फुटेज में किसी संदिग्ध व्यक्ति की मौजूदगी, पीछा करने या जबरन साथ ले जाने जैसी कोई बात सामने नहीं आई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण डूबना बताया गया है। शरीर पर बाहरी चोट के कोई निशान नहीं मिले हैं। तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ी ईशु कक्षा सात की छात्रा थी। उसकी छोटी बहन ईशा कक्षा छह और भाई ऋषि कक्षा चार में पढ़ता है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार परिजनों ने भी किसी व्यक्ति पर संदेह जताने से इन्कार करते हुए कार्रवाई न करने का प्रार्थना पत्र दिया है। शनिवार को राजघाट पर छात्रा का अंतिम संस्कार कर दिया गया। एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि उपलब्ध साक्ष्य, तकनीकी जांच और परिजनों के बयान के आधार पर मामले में किसी आपराधिक षड्यंत्र या उकसावे का प्रमाण नहीं मिला है। जांच रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

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